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नवरात्र में नौ दिनों तक केवल नींबू पानी पी कर उपवास करने से कई लोगों का सिर दर्द, घुटनों का दर्द, दस्त एवं संग्रहणी जैसे रोग ठीक हो गए”….

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*मनुष्य शरीर को प्रकृति ने ही मां के पेट में तैयार किया है और प्रकृति द्वारा बनाई गई चीज प्रकृति द्वारा ही ठीक होगी….

सीकर : : राजस्थान परम् पूज्य परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 10 अक्टूबर 2026 के सतसंग में कहा कि नवरात्र में उपवास करने को बताया गया है ताकि पेट साफ हो जाए। इस समय का जो मौसम है; दिन में तेज गर्मी और रात को ठंडी का अहसास होने लग जाता है। नवरात्र और दिवाली के आते-आते ठंडी की शुरुआत हो जाती है और होली के जाते-जाते ठंडी खत्म हो जाती है, गर्मी आ जाती है।

गांव में कहते हैं कि

“माघ पौष की बादरी और कुंवारा गांव,

इन सबको छोड़कर तब कियो पराया काम”

मतलब कि इन सबको देख कर के पराया काम करना। पराया काम में क्या होता है? नौकरी; तनख्वाह मिलती है, अगर धूप में उसने नौकरी लगा दी तो बुखार आ गया, जुकाम हो गया, तकलीफ हो गई। वहीं माघ पौष में ठंडी बहुत होती है और कुंवार का धूप बहुत तकलीफदेह होता है।

किसी का पेट अगर खराब रहे तो ऐसे लोगों को बीमारी ज्यादा होती है। इसीलिए महात्माओं ने कहा कि जब पेट की सफाई हो जाएगी तब शरीर ठंडी गर्मी थोड़ी बर्दाश्त कर लेगा। तो उन्होंने उपवास का नियम बना दिया।

 

*उपवास रखने से क्या फायदा होता है?*

 

उपवास से और क्या फायदा होता है? जैसे कोई मशीन ज्यादा दिन से चल रही हो और उसमें कचरा आ गया हो, तो उसकी सफाई के लिए उसको धोने की, उसके पार्ट-पुर्जों को साफ करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे ही इस शरीर की सफाई करनी जरूरी होती है। अब जैसे इंजन में जमा कचरे को पेट्रोल या अन्य कैमिकलों से उसकी सफाई करते हैं, ऐसे ही पेट की सफाई किससे होती है? मनुष्य शरीर को प्रकृति ने ही तैयार कराया है मां के पेट में और प्रकृति ने ही फल-फूल बनाए हैं। तब प्रकृति द्वारा बनाई गई चीज प्रकृति की चीजों से ही सही होगी।

इसीलिए शरीर के पेट की सफाई प्रकृति द्वारा बनाई गई चीजों से ही होगी। दवाओं से ठीक से सफाई नहीं हो पाती है क्योंकि अंतड़ियां जो टेढ़ी मेढ़ी हैं और उनमें मल जमा हो जाता है तो उसको खारेपन की जरूरत होती है और उसके लिए नींबू सबसे बढ़िया है।

 

*नवरात्र में चिकनाहट वाली चीजों को खाने से बचना चाहिए*

 

नींबू को पानी में डाल कर के अगर पी लिया जाए तो पेट एकदम साफ हो जाता है। अपना अनुभव बता रहा हूं कि मैं नौ-नौ दिन तक केवल नींबू पानी ही पीकर रहा हूं तो उससे शरीर तो थोड़ा दुबला हुआ लेकिन ताकत और हिम्मत बढ़ गई। बहुत से लोगों का सिर दर्द, घुटने का दर्द ठीक हो गया। जिनको आए दिन दस्त आते थे वह ठीक हो गया और यहां तक कि संग्रहणी तक ठीक हो गया।

सबसे बढ़िया उपवास तो यह है। जब यह ना हो पाए तो गुरु महाराज ने कहा कि आलू को भूनकर या उबालकर के खा लो। साग सब्जी उबालकर के खा लो, नहीं अगर चलता है तो कुछ फल-फूल खा लो। लेकिन नवरात्र में चिकनाहट वाली चीजों को खाने से बचो।

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