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लखनऊ : : हाईकोर्ट के आदेश पर कैसरबाग कचहरी परिसर के आसपास वकीलों के अवैध चैंबरों पर रविवार शाम नगर नगर निगम का बुलडोजर चल गया है।
वीआईपी कार्यक्रम के चलते शाम पांच बजे पुलिस बल की उपलब्धता होने के बादआंशिक विरोध के बीच यह कार्रवाई हुई क्योंकि पर्याप्त पुलिस मौजूद था। कचहरी रोड को छावनी बना दिया गया था और नगर निगम ने कई टीम का गठन किया था।
72 में से 14 अवैध कब्जे पहले ही तोड़े जा चुके थे और 58 शेष को रविवार को ढहा दिया गया। हालांकि कई वकीलों ने कब्जों को खाली कर दिया था और दरवाजे उखाड़ ले गए थे। वकीलों के हौसले तब पस्त हो गए थे, जब वकीलों को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी।
हाईकोर्ट ने भी इन अवैध निर्माणों को तोड़ने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम ने चिंहित 72 अवैध निर्माणों को चिंहित किया था और 17 मई को 14 अवैध कब्जों को तोड़ा गया था।
अधिवक्ता अनुराधा सिंह, अधिवक्ता देवांशी श्रीवास्तव और देवांशी की माता अरुणिमा श्रीवास्तव ने ही अवैध निर्माणों को हटाने की मांग की थी और उनकी याचिका पर 11 मार्च को हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की पीठ ने कचहरी रोड से अवैध कब्जों को हटाने का आदेश दिया था।
चार अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने फिर से सुनवाई करते हुए कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने के मामले में अपना रुख और सख्त अपनाया और शेष चैंबर व दुकानों के कब्जेदारों को अंतिम अवसर देते हुए कहा कि वे स्वेच्छा से अवैध कब्जा खाली करने को कहा था।
इसके बाद नगर निगम ने अवैध कब्जा करने वाले नोटिस जारी की थी और चैंबरों पर चस्पा कर दिया गया था। तीस अगस्त से पहले अवैध कब्जों को हटाने को कहा गया है।
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