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(सुरेन्द्र कुमार वर्मा )
लखनऊ : : गोमती नदी की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण और नीलांश वाटर पार्क द्वारा नदी की धारा परिवर्तन के मामले में समाजसेवी *दीपक शुक्ला ‘तिरंगा महाराज’* ने बड़ा कदम उठाया है। तिरंगा महाराज ने *मलिहाबाद तहसील के तहसीलदार* को लिखित तहरीर देकर गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की है।
तहसीलदार को सौंपी गई तहरीर में तिरंगा महाराज ने कहा कि *नीलांश वाटर पार्क के संचालकों* ने गोमती नदी की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को अवरुद्ध किया है
उन्होंने तहरीर में मांग की है कि इस संगठित आपराधिक षड्यंत्र के तहत अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ *भारतीय न्याय संहिता 2023, उ.प्र. गैंगस्टर एक्ट, NSA, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व धन शोधन निवारण अधिनियम* के तहत गैर-जमानती धाराओं में तत्काल FIR दर्ज की जाए
तिरंगा महाराज ने तहरीर में *माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ* की *जनहित याचिका संख्या 10/2024* का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में *जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी* ने शपथ पत्र दाखिल कर नीलांश वाटर पार्क द्वारा अतिक्रमण की पुष्टि की है।
माननीय न्यायालय ने *15/05/2026* के आदेश में *07/07/2026 तक संपूर्ण अतिक्रमण हटाने* के निर्देश भी जारी किए हैं। इससे गोमती नदी पर अतिक्रमण न्यायिक रूप से सिद्ध हो चुका है।
तिरंगा महाराज ने मांग की है कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी *समस्त चल-अचल/बेनामी संपत्ति कुर्क* की जाए साथ ही *CBI/SIT से जांच* कराकर *वर्ष 2007 से 2026 तक* अभियुक्तों व परिजनों की संपत्तियों की जांच कराई जाए।
तिरंगा महाराज का कहना है कि
“नदी सार्वजनिक संपत्ति है। इस पर अवैध कब्जा कर व्यावसायिक लाभ अर्जित करना राष्ट्रीय अपराध है। हाईकोर्ट के आदेश और DM के हलफनामे के बाद भी कार्रवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अब आर-पार की लड़ाई होगी
तहरीर पर तहसीलदार ने *SHO मलिहाबाद* को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
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