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दिवाली-छठ से पहले बड़ी राहत! सरकार ने लिया यह बड़ा फैसला….

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.त्यौहारों से पहले सरकार का बड़ा तोहफा! रिफाइंड और कच्चे तेल पर घटी कस्टम ड्यूटी; सस्ते होंगे खाने के तेल…

पूजा, दिवाली और छठ का त्योहार अब नजदीक है. ऐसे में त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है. जी हां, खाने के तेल के दाम बहुत जल्द कम हो सकते हैं.

सरकार ने पाम ऑयल, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल समेत कच्चे और रिफाइंड खाने वाले तेलों पर लगने वाली बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी यानी आयात शुल्क घटा दी है. सरकार ने बुधवार देर रात जारी एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी. सरकार का मकसद त्योहारी सीजन के दौरान खाने वाले तेल की कीमतों को कम करना है.

भारत में पिछले एक साल में वेजिटेबल ऑयल यानी वनस्पति तेल की कीमतें करीब 20% बढ़ी हैं. ऐसे में इंपोर्ट ड्यूटी घटने से तेल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है. सितंबर से नवंबर के बीच कई बड़े त्योहार हैं. इस दौरान मिठाई, नमकीन और तली हुई चीजों की मांग बढ़ जाती है. सरकार को उम्मीद है कि ड्यूटी घटने से तेल सस्ता होगा और इसकी खपत भी बढ़ेगी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रेडर्स का मानना है कि भारत में खाद्य तेल की मांग बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है. इससे मलेशिया के बेंचमार्क पाम ऑयल और अमेरिका में सोयाबीन तेल के वायदा कारोबार को सपोर्ट मिल सकता है.

किस पर कितनी ड्यूटी घटी…

सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, कच्चे पाम ऑयल और कच्चे सोयाबीन तेल पर बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी 10% से घटाकर 5% कर दी गई है. वहीं, रिफाइंड पाम ऑयल और रिफाइंड सोयाबीन तेल पर ड्यूटी 32.5% से घटाकर 27.5% कर दी गई है. कच्चे सूरजमुखी तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी 10% से घटाकर शून्य कर दी गई है. वहीं, रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी 32.5% से घटाकर 22.5% कर दी गई है.

किस पर क्या चार्ज….

हालांकि, बेसिक कस्टम ड्यूटी के अलावा भारत में खाद्य तेल के आयात पर एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस और सोशल वेलफेयर सरचार्ज भी लगता है. कच्चे पाम ऑयल और कच्चे सोयाबीन तेल पर अब कुल इंपोर्ट ड्यूटी 11% होगी, जो पहले 16.5% थी. इसी तरह कच्चे सूरजमुखी तेल पर कुल ड्यूटी 16.5% से घटकर 5.5% रह जाएगी.

त्योहारी सीजन में आयात बढ़ सकती है….

मुंबई स्थित वेजिटेबल ऑयल ब्रोकरेज कंपनी सनविन ग्रुप के सीईओ संदीप बजोरिया ने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की उम्मीद के चलते रिफाइनर कंपनियों ने तेल की खरीदारी रोक रखी थी. अब वे त्योहारी सीजन की मांग पूरी करने के लिए आयात बढ़ा सकती हैं.

भारत कहां से क्या आयात करता है….

भारत अपनी कुल वनस्पति तेल की जरूरत का करीब दो-तिहाई हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है. देश मुख्य रूप से मलेशिया, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन से पाम ऑयल, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल खरीदता है. पतंजलि फूड्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट आशीष आचार्य के मुताबिक, इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती का सबसे ज्यादा फायदा सूरजमुखी तेल को मिल सकता है. इससे रिफाइनर कंपनियों के लिए सूरजमुखी तेल खरीदना ज्यादा आकर्षक हो जाएगा. इसका असर सोयाबीन और पाम ऑयल की मांग पर भी पड़ सकता है..

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