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लेखपालों की मनमानी और भ्रष्टाचार का आरोप, वकीलों ने की पुरानी दाखिल-खारिज व्यवस्था बहाल करने की मांग
बलरामपुर में युवा अधिवक्ताओं का विरोध, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देकर उठाई ऑनलाइन प्रक्रिया रद्द करने की मांग
बलरामपुर: : राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा लागू की गई बैनामा नामांतरण की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में जिले के अधिवक्ता उतर आए हैं। जिला युवा अधिवक्ता एसोसिएशन बलरामपुर ने सोमवार को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप केला को सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नई व्यवस्था के कारण काश्तकारों का उत्पीड़न बढ़ा है और लेखपाल विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर मोटी रकम की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन ने चेताया कि मांग पूरी न होने पर किसानों के बैनामे खारिज करने की धमकियां दी जा रही हैं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मृगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि नई व्यवस्था से न केवल आम जनता परेशान है, बल्कि वकीलों का कार्यक्षेत्र सीमित होने से उनकी आजीविका पर भी सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण मूलतः एक न्यायिक प्रक्रिया है, जिसे गुण-दोष के आधार पर सक्षम न्यायालय द्वारा तय किया जाना ही न्यायसंगत है। ऑनलाइन व्यवस्था ने इस न्यायिक संतुलन को बिगाड़कर भ्रष्टाचार के नए रास्ते खोल दिए हैं।
एसोसिएशन ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि किसानों व अधिवक्ताओं के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए बैनामा नामांतरण और दाखिल-खारिज की ऑनलाइन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। संगठन ने पूर्व की भांति ऑफलाइन न्यायिक प्रक्रिया को पुनः लागू करने के लिए शासनादेश पारित कराने का अनुरोध किया है। इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी और कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
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