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ओवैसी ने अखिलेश को दिया गठबंधन का ऑफर….
अखिलेश-राहुल के मुसलमान प्रेम को बताया नौटंकी…
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले मुस्लिम वोटों को लेकर सियासी घमासान तेज होता दिखाई दे रहा है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें गठबंधन का ऑफर दिया है।
ओवैसी ने कहा कि अभी भी वक्त है और अखिलेश चाहें तो उनके साथ हाथ मिला सकते हैं, वरना यूपी में भी उनका हाल बिहार में तेजस्वी यादव जैसा हो सकता है।
“मुसलमानों के हक की बात आती है, तो…”
ओवैसी ने कहा कि यूपी में मुसलमानों पर जितने जुल्म हुए हैं, उनमें बीजेपी और अखिलेश बराबर के हिस्सेदार हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में कुछ लोग खुद को मुस्लिम वोट का ठेकेदार समझ बैठे हैं, लेकिन जब मुसलमानों के हक की बात आती है, तो उनकी जुबान नहीं खुलती। ये लोग अपने बंगलों में छिप जाते हैं। ओवैसी ने कहा कि ये ठेकेदार दिखावे के लिए बीजेपी का विरोध करते हैं, लेकिन असल में इनकी और बीजेपी की आइडियोलॉजी में कोई फर्क नहीं है।
ओवैसी ने बुधवार को यूपी में मुस्लिम लीडर शिप तैयार करने की बात कही थी.
कांग्रेस ने इसे बीजेपी को फायदा पंहुचाने की साजिश बताया। ओवैसी ने गुरुवार को इसका भी जवाब दिया। ओवैसी ने कहा कि अखिलेश-राहुल का मुसलमान प्रेम नौटंकी से ज्यादा कुछ नहीं है। मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन ये दोनों ही है। दोनों ही पार्टी नहीं चाहती कि मुसलमानों का कोई लीडर तैयार हो।
कांग्रेस ने इसे बीजेपी को फायदा पंहुचाने की साजिश बताया।ओवैसी ने कहा कि उन्होंने बिहार में पांच सीट मांगी थी। उनकी बात किसी ने नहीं सुनी। अखिलेश उन्हें हराने के लिए मुस्लिम सांसदों की फौज लेकर पहुंच गए थे। ओवैसी ने कहा अभी भी वक्त है अखिलेश चाहें तो उनसे अलायंस कर लें, वरना उनका हाल भी तेजस्वी जैसा ही होगा।
बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के वर्तमान 18वें सदन का कार्यकाल वर्ष 2027 में पूरा हो रहा है, जिसके चलते राज्य में अगले विधानसभा चुनाव फरवरी से मार्च 2027 के दौरान होने की पूरी संभावना है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं, और यहां सरकार बनाने यानी बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने के लिए किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को कम से कम 202 सीटों की जरूरत होती है।
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