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गलत गणना के चलते बरेली की स्कूल प्रिसिंपल को फिर करनी होगी जॉइनिंग…

जेडी न्यूज विजन….

विदाई समारोह भी हो गया सम्पन्न पर नहीं हुआ रिटायरमेंट …

बरेली  : : जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसको जानकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे क्या ऐसा भी हो सकता है. दरअसल, यहां प्राथमिक विद्यालय साहूकारा की प्रिंसिपल रहीं शकुंतला भास्कर को सेवानिवृत्त मानते हुए विदाई तक दे दी गई, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी नौकरी अभी खत्म नहीं हुई थी।

नियमों की दोबारा जांच हुई तो सामने आया कि उनकी सेवा अवधि में अभी करीब एक साल बाकी है. अब उन्हें फिर से जॉइन कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में विभागीय स्तर पर उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख तय कर ली गई थी और मार्च 2026 में सेवानिवृत कर दिया. उसी आधार पर स्कूल में विदाई समारोह भी आयोजित कर दिया गया. शिक्षकों और कर्मचारियों ने उन्हें औपचारिक रूप से विदा किया, लेकिन कुछ समय बाद सेवा नियमों की समीक्षा के दौरान स्थिति बदल गई.

जानें क्या है शिक्षा विभाग का नियम

शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, जिन शिक्षकों की जन्मतिथि दो अप्रैल के बाद होती है, उन्हें सत्रांत लाभ दिया जाता है. इसका मतलब यह होता है कि ऐसे शिक्षक तत्काल सेवानिवृत्त नहीं होते, बल्कि अगले वर्ष 31 मार्च तक सेवा में बने रहते हैं, ताकि शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।

शकुंतला भास्कर का मामला भी इसी श्रेणी में आया. जब इस नियम को दोबारा देखा गया तो स्पष्ट हुआ कि उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख पहले तय कर दी गई थी, जबकि उन्हें अभी सेवा में बने रहने का लाभ मिलना था. इसके बाद शिक्षिका की ओर से दोबारा कार्यभार ग्रहण करने के लिए विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई. इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल बढ़ गई. अधिकारियों ने रिकॉर्ड की समीक्षा शुरू की. संबंधित दस्तावेजों को फिर से जांचने की प्रक्रिया शुरू की गई.

स्कूल शिफ्ट होने से भी बढ़ी प्रक्रिया की चुनौती

मामले को थोड़ा और जटिल इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि प्राथमिक विद्यालय साहूकारा को फिलहाल अगले आदेश तक कंपोजिट विद्यालय जसौली में शिफ्ट किया गया है. ऐसे में प्रशासनिक और संचालन संबंधी कई प्रक्रियाओं को फिर से व्यवस्थित करना पड़ रहा है.

खंड शिक्षा अधिकारी ने दी जानकारी

खंड शिक्षा अधिकारी तौसीफ अहमद ने बताया कि संबंधित शिक्षिका के सेवानिवृत्ति संबंधी कागज अभी आगे नहीं भेजे गए हैं. उन्हें जरूरी दस्तावेजों के साथ कार्यालय बुलाया गया है. दस्तावेजों की जांच और नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा.

फिलहाल यह मामला पूरे शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है. कर्मचारी और शिक्षक भी इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि सेवा नियमों की सही जानकारी और समय पर रिकॉर्ड जांच कितनी जरूरी है. एक छोटी सी प्रशासनिक चूक के कारण पहले विदाई हुई और अब दोबारा जॉइनिंग कराने की तैयारी करनी पड़ रही है.

G F…

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