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शैलेन्द्र सिंह चौहान….
लखनऊ : : जिला कारागार लखनऊ में निरुद्ध एक बंदी की पत्नी ने मुलाकात के दौरान शोर-शराबे के कारण पति की बात न समझ पाने की शिकायत की करते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर दोबारा मुलाकात कराने की मांग की थी।
वहीं, दोबारा मुलाकात को लेकर जेलकर्मियों पर मारपीट का आरोप भी लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि महिला व पुरुष जेलकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके गले में चोट आई। इस संबंध में उसने गोसाईंगंज थाने में शिकायत दी है।

दूसरी ओर, जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने मारपीट के आरोपों से इन्कार किया है। उनका कहना है कि युवती नशे की हालत में थी और बंदी से एक बार मिल चुकी थी। दोबारा मिलने की जिद पर बंदी ने ही मिलने से मना कर दिया था, जिसके बाद युवती ने खुद को ब्लेड से घायल कर लिया। जेलकर्मियों ने कोई मारपीट नहीं की।
इंस्पेक्टर डीके सिंह ने बताया कि युवती की ओर से मारपीट की तहरीर मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
ठाकुरगंज के बालागंज रोड निवासी युवती के अनुसार, उसकी उम्र 17 वर्ष है। उसका पति मोहम्मद फैजान पुत्र फरीद, निवासी सदर कैंट, लखनऊ जिला कारागार में निरुद्ध है। वह पिछले करीब चार साल से लगातार अपने पति से मुलाकात करने जेल आ रही है।
पीड़िता के अनुसार, वह 6 नवंबर को पति से मिलने गई थी, लेकिन मुलाकात स्थल पर काफी शोर होने के कारण वह पति की कोई बात नहीं समझ पाई। उसका कहना है कि पहली बार ऐसा हुआ है, जिससे वह काफी चिंतित है।
पीड़िता ने वरिष्ठ अधीक्षक से निवेदन किया है कि उसे पति मोहम्मद फैजान से पुनः मुलाकात कराई जाए, ताकि वह उनकी बात को ठीक से सुन और समझ सके।
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