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नई दिल्ली: : बीते दिनों कफ सिरप को लेकर पूरे देश में बवाल मचा था, देश के कई राज्यों में मासूमों की मौत के बाद हड़कंप मच गया था. इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके मुताबिक अब कफ सिरप समेत सभी ‘सिरप’ मेडिकल स्टोर के काउंटर पर नहीं मिलेंगे, ‘सिरप’ खरीदने के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन जरूरी होगा।
जून को जारी एक नोटिफिकेशन में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 की घोषणा की. जो ऑफिशियल गैजेट में छपने के बाद लागू हो गए. इस संशोधन के तहत, ड्रग्स नियम, 1945 के शेड्यूल K से ‘सिरप’ शब्द हटा दिया गया है।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दवाओं की कुछ कैटेगरी को दवाओं के मैन्युफैक्चर और बिक्री से जुड़े खास नियमों से छूट मिली हुई है. इन प्रोडक्ट्स में एंटीसेप्टिक, एंटासिड और कॉन्ट्रासेप्टिव जैसी आम चीजें शामिल हैं, जिन्हें ओवर-द-काउंटर (OTC) बेचने की इजाजत है।
डॉक्टर का पर्चा है जरूरी
इस बदलाव के कारण, कफ सिरप सहित सभी सिरप-बेस्ड दवाएं अब इन खास छूट के तहत नहीं आएंगी. इस बदलाव से सिरप की बिक्री पर कंट्रोल कड़ा होने और उन्हें सख्त रेगुलेटरी निगरानी के तहत लाने की उम्मीद है. ग्राहक को अब सिरप-बेस्ड दवाएं सिर्फ डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही खरीदनी पड़ सकती हैं।
कब शुरू हुआ बदलाव
हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा कि यह बदलाव एक पब्लिक कंसल्टेशन प्रोसेस के बाद किया गया है जो दिसंबर 2025 में ड्राफ्ट नियमों के पब्लिकेशन के साथ शुरू हुआ था. फाइनल नियमों को नोटिफाई करने से पहले स्टेकहोल्डर्स से मिले, जहां पर ऑब्जेक्शन और सुझावों की जांच की गई थी. ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) के साथ कंसल्टेशन के बाद इस बदलाव को नोटिफाई किया गया था, और यह ऑफिशियल गजट में ड्रग्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 के पब्लिकेशन के साथ लागू हो गया है।
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