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बिजली कंपनियों में संविदा कर्मियों को बिना परीक्षा नियमित करने एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को आरक्षण किया जाए….

Jdnews Vision…

• ​परीक्षा में अनारक्षित वर्ग हेतु 50 अंक व आरक्षित वर्ग हेतु 40 अंक का निर्धारण हो, तथा सीपीसीटी (CPCT) की अनिवार्यता समाप्त की जाए…

​इंदौर: :  मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी. पी. पाठक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह तथा सचिव ऊर्जा एवं सीएमडी पावर मैनेजमेंट कंपनी विशेष गढ़पाले को पत्र प्रेषित कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपके सराहनीय निर्णयों से बिजली कंपनियों में संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, किंतु नई प्रक्रिया में पुनः परीक्षा का प्रावधान संविदा कर्मियों के प्रति संवेदनशील व सकारात्मक रवैये के विपरीत है। ये कर्मचारी पहले ही विधिवत परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्त हुए हैं। अतः 15 वर्षों से कार्यरत इन संविदा कर्मियों को बिना परीक्षा नियमित नियुक्ति दी जाए।

 

​राकेश पाठक ने मांग की कि तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करते समय उनकी पूर्व सेवा अवधि जोड़कर वरिष्ठता प्रदान की जाए; अन्यथा वे कनिष्ठ (जूनियर) हो जाएंगे।

 

​उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2013 में ‘परीक्षण सहायक भर्ती’ के तहत मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल द्वारा आयोजित परीक्षा व प्रशिक्षण के बाद 1,339 पदों पर भर्ती की गई थी। शेष उत्तीर्ण 1,550 अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची से संविदा नियुक्ति दी गई। इनमें से लगभग 650 कर्मचारी आज भी 13 वर्षों से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्ष 2013 के भाजपा घोषणा-पत्र में भी इन्हें नियमित करने का वचन दिया गया था। अतः इन्हें बिना शर्त नियमित किया जाए।

 

​कट-ऑफ अंकों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अनारक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 80 अंक (50 लिखित + 30 बोनस) और आरक्षित वर्ग के लिए 70 अंक (40 लिखित + 30 बोनस) का निर्धारण अत्यंत व्यावहारिक नहीं है। इससे अधिकांश संविदा कर्मी असफल हो जाएंगे। इसकी जगह बोनस अंक मिलाकर अनारक्षित वर्ग के लिए कुल न्यूनतम 50 अंक तथा आरक्षित वर्ग के लिए कुल 40 अंक निर्धारित किए जाएं।

 

​इसके अतिरिक्त, उन्होंने मांग की कि:

 

• ​अनुकंपा आश्रितों के लिए सीपीसीटी (CPCT) परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त कर नियमित नियुक्ति दी जाए।

 

• ​नोडल एजेंसी (पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर) के माध्यम से आवेदन लेकर दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत संविदा कर्मियों को उनके गृह क्षेत्र/इच्छित कंपनी में स्थानांतरण का अवसर दिया जाए।

 

• ​संविदा कर्मियों के नियमित होने से रिक्त पदों पर 15 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को नवीन भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए..

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