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शासन संविदा, आउट सोर्स कार्मिकों को नियमित, संविलयन करें, नियमित, कंपनी कैडर कार्मिकों, पेंशनर्स की समस्यायों का समाधान करें – राकेश डी पी पाठक

जेडी न्यूज़ विज़न….

मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन ने माननीय मुख्यमंत्री माननीय डॉ मोहन यादव जी, ऊर्जा मंत्री माननीय प्रद्युम्न सिंह तोमर जी, अतरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा जी एवं सीएम डी एम पी पावर मैनेजमेंट कंपनी को मांग पत्र प्रेषित करते हुए फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने कहा कि बिजली कंपनियों में 15 बर्षो से कार्यरत संविदा कर्मचारी नियमित
रिक्त पदों के रिक्तियों के आधार पर काम कर रहे है। इन्हें बिना किसी परीक्षा के अनुभव के अधार पर नियुक्ति
दिनांक से नियमित , संविलयन किया जावे। इसी तरह बिजली कम्पनियों में 15 वर्षों से कार्यरत
आउटसोर्स कर्मियों को नियमित किया जावे ।
बैठक में फेडरेशन के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह राजपूत, महामंत्री राकेश डी पी पाठक, उमाशंकर मेहता,एन के यादव, बी एस राठौर, रामेश्वर गांगे,आर के कौशिक,अवसार अहमद, गोपाल चौहान, कार्तिक शर्मा, पुष्पेन्द्र सिंह यादव सहित अनेक जनों ने फेडरेशन के इतिहास और कर्मचारियों, पेंशनर्स की समस्यायों पर विस्तृत विचार रखे।
राकेश डी पी पाठक ने कहा कि
विद्युत कंपनीयों में वर्ष 2009 से वर्ष 2018 के पूर्व तक नियुक्त कर्मचारियों परीक्षण सहायक , संयन्त्र
सहायक व कार्यालय सहायक श्रेणी -03 की वेतन विसंगती दूर की जावे, जिसमें सातवें वेतन आयोग के ग्रेड
पे 1900 के स्थान पर 2500 ग्रेड पे अथवा मूल वेतन 20200 की जगह 25300 करते हुऐ वर्तमान में 03 वेतन
वृद्धि प्रदान कर, उक्त वेतन विसंगति दूर की जायें। इसके संबंध मे ऊर्जा विभाग द्वारा भी आदेश जारी कर दिये
गये है किंतु आज तक बिजली कम्पनियों द्वारा आदेश नहीं किए गये हैं।
राकेश पाठक ने कहा कि विद्युत मंडल के विभिन्न उत्तरवर्ती कंपनियों में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी, संविदा कर्मचारियों को
वन टाईम गृह जिला स्थानांतरण हेतु नीति लागू करते हुऐ उनके गृह जिला में स्थानांतरण किया जावें।
मध्यप्रदेश विद्युत मंडल में 1991 वर्ष के कर्मचारियों द्वारा उच्चतम न्यायालय में वेतन विसंगती से संबद्ध याचिका
लगाई गई थी जिसमें कर्मचारियों के पक्ष में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णय लिया गया है। उसे सभी
विद्युत कंपनीयों में लागू कर, शीघ्र इसका लाभ संबंधितों को प्रदान किया जाये ।
कंपनी द्वारा जारी सेल्फ लर्निंग एंड एडवांसमेंट पॉलिसी (परिपत्र क्रमांक 8844 दिनांक 20.10.22) तहत उच्च
शिक्षा प्राप्त कार्मिक लाइन परिचारक एवं परीक्षण सहायक को होने वाली सीधी भर्ती में कनिष्ठ अभियंता
(वितरण) के पद आरक्षित करने एवं कार्मिक परीक्षा देने हेतु पात्र किये जावे ।
राकेश डी पी पाठक ने कहा कि मध्यप्रदेश के विद्युत क्षेत्र में लगभग 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारीयों को विभिन्न सेवा आऊट सोर्स कंपनी के द्वारा
नियुक्त किये जाकर विद्युत कंपनियों में कार्य सौंपा जाता है , फेडरेशन यह मांग करता है कि मध्यप्रदेश में भी हरियाणा
सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर मध्यप्रदेश के विद्युत क्षेत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों हेतु एक अलग निगम या कंपनी बनाकर उसके माध्यम से नियुक्ति दी जाएं। तकनीकी, कुशल काम के लिए पूर्ण शिक्षित और प्रशिक्षित व्यक्ति को ही आउट सोर्स के माध्यम से नौकरी में रखा जाएं। इससे दुघर्टना कम होगी व इन कर्मचारियों का शोषण नहीं होगा।
राकेश डी पी पाठक ने कहा कि विद्युत मंडल में कार्यरत जिन कर्मचारियों की सामान्य मृत्यु वर्ष 2000 से 2012 के बीच हुई है उनके आश्रितों की
अनुकंपा नियुक्ति आज दिनांक तक नहीं दी गई है। उन्हें सामान्य मृत्यु प्रकरण में नियमित रूप में अनुकंपा नियुक्ति
प्रदान की जायें। नई अनुकंपा नियुक्ति आदेश से कार्यालय सहायक श्रेणी 3 का पद समाप्त कर दिया गया है उसे पुनः स्वीकृत किया जाएं।कंपनी में कार्यरत संविदा/नियमित अधिकारियों/कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट पूर्व
की भांति देने की कृपा करें।
राकेश डी पी ने कहा कि वर्ष 2018 में व इसके बाद नियुक्त कार्यालय सहायकों का मूल वेतन, पूर्व के निर्धारित वेतनमान से अत्यधिक कम
किया गया है तथा इन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के समान वेतन दिया गया है जो कि पूर्णतः अनुचित है जबकि योग्यता
में तकनीकी योग्यता सीपीसीटी डिप्लोमा को रखा गया है, 2018 के बाद कार्यालय सहायकों के मूल वेतन की पूर्व
में जारी वेतनमान पर ही फिक्स किया जायें तथा आने वाली नियुक्तियों में भी कार्यालय सहायक के वेतनमान, पूर्व
के वेतनमान के अनुसार हो।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा सामान कार्य पर पूरा सामान वेतन देने का निर्णय लिया है, अतः उसे शीघ्र बिजली
कम्पनियों में लागू कर 70, 80, 90 प्रतिशत दिये गए वेतन की जगह नियुक्ति दिनांक से पूरे वेतन का भुगतान कराया
जाएं। महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने कहा कि राज्य बटवारे की धारा 49/6 वर्ष 2000 के पूर्व सेवा निवृत्त कर्मचारियों के लिए की लागू होती है, किन्तु इसकी गलत
व्याख्या कर 2000 के बाद से आज तक सेवानिवृत्त हो रहे है, सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस धारा से नाम
पर उनके महंगाई भत्ते के भुगतान और एरियर्स पर 25 वर्षों से भेदभाव किया जा रहा है। इसे समाप्त कराने किया जाएं, और 2000 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों, पेंशनर्स को इस धारा से मुक्त रखा जानें का आदेश सरकार शीघ्र जारी करे।
राकेश पाठक ने मुख्यमंत्री जी, ऊर्जा मंत्री जी, अतरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा, सीएमडी,पावर मैनेजमेंट कंपनी से अनुरोध करते हुए कहा कि महोदय बिजली कंपनियों में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पेंशन
की गारंटी राज्य शासन द्वारा ली जाएं, जिससे कार्यरत कर्मचारियों और सम्माननीय पेंशनर्स के मन में व्याप्त अंशका,भय समाप्त हो सकें।
बैठक में फेडरेशन के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह राजपूत, महामंत्री राकेश डी पी पाठक,उपाध्यक्ष उमाशंकर मेहता, बी एस राठौर, जोनल सचिव सर्वश्री एन के यादव जी, रामेश्वर गांगे,आर के कौशिक, अवसार अहमद,सूरज मल आर्य, गोपाल चौहान,जे एल जोशी, प्रवक्ता मदन वर्मा, वीरेंद्र मिश्रा, सुनील पटेल, प्रियंका यादव जी कार्तिक शर्मा, पुष्पराज सिंह, मिश्रा, ए के पांडे, डी के माथुर, सहित बड़ी संख्या में फेडरेशन के पदाधिकारी गण, सदस्य गण उपस्थित थे।

– मदन वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता, फेडरेशन (जबलपुर) शाखा इंदौर

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