JD NEWS VISION….
नई दिल्ली: : केद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया है. वह मोदी सरकार में मत्स्य पालन और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूर कर लिया है।
जॉर्ज कुरियन को 27 अगस्त 2024 को मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुना गया. उनका कार्यकाल 4 सितंबर 2024 को शुरू हुआ था. यह सीट केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई थी. उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को खत्म हो गया है. बीते राज्यसभा के लिए हुए चुनावों में उन्हें रिपीट नहीं किया गया, जिसके बाद संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं रह गए. इसलिए उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया है.
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि प्रधानमंत्री की सलाह पर भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है.
केरल में ईसाई वोटर्स को बीजेपी ने दिया संदेश
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में जब केरल के सीनियर नेता जॉर्ज कुरियन को शामिल किया गया तो देश के साथ-साथ केरल के लोग भी हैरान रह गए. दरअसल ऐसी कोई चर्चा नहीं थी कुरियन को केंद्र सरकार में शामिल किया जाएगा. जॉर्ज कुरियन को सरकार में शामिल करने को लेकर चर्चा हुई कि केरल में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने ये फैसला किया है.
केरल में करीब 17 फीसदी आबादी ईसाई है. माना जाता है कि ईसाई वोटों ने राज्य में बीजेपी का लोकसभा खाता खोलने में अहम भूमिका निभाई है, जिसमें सुरेश गोपी ने त्रिशूर सीट 74,000 से ज़्यादा वोटों से जीती. इसीलिए उन्हें मोदी सरकार में शामिल करके ईसाई वोटर्स को एक संदेश दिया गया था।
जॉर्ज कुरियन 1980 में बीजेपी के बनने के समय ही पार्टी में शामिल हो गए थे. बीजेपी में अपने लंबे सफर के दौरान कुरियन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है. जब वाजपेयी सरकार में राजगोपाल रेल राज्य मंत्री थे तब वे उनके ओएसडी भी रहे।
G F …
Jd News Vision