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गाजियाबाद: (श्रवण कुमार ): : भवन मानकों और अन्य नियामकीय प्रावधानों के उल्लंघन के कारण सील किए गए विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, प्ले-स्कूल एवं डे-केयर केंद्रों के संचालकों को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बड़ी राहत देते हुए दो माह का समय देने का निर्णय लिया है। इस अवधि में संस्थानों को भवन संबंधी सभी वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। तय समय में नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ दोबारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को जीडीए सभागार में सचिव विवेक कुमार मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रवर्तन अधिकारियों, प्रभारी मुख्य अभियंता, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने संस्थान संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना और रखरखाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है।
विद्यालय संचालकों के अनुरोध पर जीडीए ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए दो माह की मोहलत देने का फैसला किया। इस दौरान सभी संस्थानों को उत्तर प्रदेश मॉडल भवन उपविधि-2025 के अनुरूप भवन का मानचित्र स्वीकृत कराना होगा तथा अग्निशमन विभाग सहित अन्य सक्षम विभागों से आवश्यक एनओसी और वैधानिक अनुमतियां प्राप्त करनी होंगी।
इसके लिए प्रत्येक संस्थान के संचालक को जीडीए के पक्ष में शपथ-पत्र देना होगा, जिसमें निर्धारित दो माह के भीतर सभी नियमों का पालन करने का वचन होगा। जिन भवनों को नियमों के अनुरूप स्वीकृति नहीं मिल सकती, उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर वहां से संचालन बंद कर किसी विधिवत स्वीकृत भवन में स्थानांतरित करना होगा।
बैठक में सभी संचालकों ने इन शर्तों पर सहमति जताई। इसके बाद जीडीए ने निर्णय लिया कि शपथ-पत्र प्राप्त होने के बाद सील किए गए परिसरों को अस्थायी रूप से डी-सील किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। हालांकि, दो माह के भीतर शर्तों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार फिर से कड़ी प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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