जेडी न्यूज़ विज़न….
गुजरात की प्रतिष्ठित संस्था खंभोलज साहित्य सेवा संस्था द्वारा आज “याद ” विषय पर एक कवि सम्मेलन का
ऑन लाइन आयोजन किया गया था।
जिसमे जेडी न्यूज़ विज़न की सम्पादक आर डी बाजपेई ने प्रतिभाग किया था।
जिसके लिए श्री बाजपेई को सम्मान पत्र दिया गया है। जेडी न्यूज विजन को पूरी टीम ने श्री बाजपेई को बधाई देते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

………..याद विषय पर कविता………..
अधूरी रह गई यादें
अधूरी रह गई ख्वाहिशे….
अधूरी रह गई ज़िंदगी…
जिसका अब तक है मलाल…
जब भी घेर लेती हैं…
पुरानी यादें..
गुस्से से हो जाता हैं चेहरा लाल…
जो किया वो नहीं चाहता था…
जो चाहता था तो वो कर न सका…
कभी शनि की ढैया कभी साढ़े साती…
ये सब देखते हुए…
कुछ न कुछ लगा रहा हर वक्त…
सोचते हुए गुजर गया सारा वक्त…
बीत गई उमर…
बोझ इतना रहा पूरे जीवन…
अब तो टूट गई है कमर….
बचपन ही ठीक बीतता है …
ठीक हर किसी का…
जवानी में किताबों का बोझ…
ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन..
फिर भी जॉब नहीं …
शादी का दबाव…
फिर बैंक से बिजनेस लोन..
व्यापार किया …
मार्केट में कंप्टीशन…बिना अनुभव
फिर घाटा…
शादी बच्चे …
अपना तो बन न सका कोई कैरियर
पर अब सता रही थी
बच्चों के कैरियर की चिन्ता
किसी तरह कटी जिंदगी..
बच्चे सेटल हुए
बच्चो की शादी…
फिर बच्चो के भविष्य की चिन्ता…
बहू दामाद के नखरे…
फिर मिली एक दिन चिता की आग
और स्वाहा हो गए जिंदगी के सारे ख्वाब…
फकत यही है लगभग हर इन्सान के जीवन की कहानी….
कहीं कम तो कहीं ज्यादा…
बयान किया ये अपनी जुबानी….
ऐसे ही चलता रहेगा ये
यादों का सिलसिला…
ज़ब रहगी जान
ज़ब तक़ चलेगी सांस…
तब तक रहेगी
आशा की किरण…
क्योंकि ये नहीं है पता
कब होगा इस जीवन का मरण….
आर डी बाजपेई
संपादक
जेडी न्यूज़ विज़न
लखनऊ
Jd News Vision