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संतोष कुमार गुप्ता
*सभी प्लेटफार्मों से बोट संचालन तत्काल बंद, 3 दिन में रिपोर्ट के निर्देश…
गोरखपुर: : 26 जुलाई 2026 को रामगढ़ताल परियोजना के नया सवेरा (नौकायन केन्द्र) पर हुई स्पीडबोट दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देश पर विशेष कार्याधिकारी प्रखर उत्तम (पीसीएस) की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसे तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
गठित समिति में वित्त नियंत्रक एस.के. कुशवाहा, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह और जनसंपर्क अधिकारी यशवंत सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति को दुर्घटना के कारणों, सुरक्षा मानकों में हुई चूक और जिम्मेदार पक्षों की भूमिका की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद जीडीए ने एहतियातन रामगढ़ताल के सभी प्लेटफार्मों से स्पीडबोट और मोटरबोट संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नया सवेरा नौकायन केन्द्र पर प्लेटफार्मों का आवंटन ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से योग्य फर्मों को किया जाता है। वर्तमान में प्लेटफार्म संख्या-01 व 04 ललित इंटरप्राइजेज, प्लेटफार्म-05 ई-सिटी बाइस्कोप और प्लेटफार्म-06 संध्या कंस्ट्रक्शन को आवंटित हैं।
अनुबंध की शर्तों के अनुसार नौकाओं की फिटनेस और संचालन की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की होती है, जिसकी समय-समय पर प्राधिकरण के अभियंताओं द्वारा जांच भी की जाती है। साथ ही बोट संचालन के लिए लाइसेंसधारी चालकों की नियुक्ति अनिवार्य होती है, जिनका लाइसेंस सामान्यतः दो वर्ष के लिए वैध रहता है।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जीडीए ने कई अहम कदम उठाने की घोषणा की है। इसके तहत अलग-अलग जेटियों और गतिविधियों के लिए पृथक नौकायन क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे और प्रकाशयुक्त संकेतकों से मार्ग स्पष्ट किया जाएगा। झील में एआई आधारित कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे गति सीमा उल्लंघन, असुरक्षित संचालन और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश जैसी गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जा सके।
इसके अलावा सूर्यास्त के बाद स्पीडबोट और मोटर चालित तेज रफ्तार जलयानों के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। केवल निर्धारित समय में कम गति वाली या गैर-मोटर चालित नौकाओं को ही अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए रामगढ़ताल पर जल पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी, जिससे गश्त, आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों को प्रभावी बनाया जा सके।
प्राधिकरण का कहना है कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार आगे की प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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