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गाजियाबाद: : प्रदेश में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक प्रस्तावित कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल लेकर आने वाले लाखों शिवभक्त पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख मार्गों से गुजरेंगे। ऐसे में गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर प्रशासन सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।
कांवड़ यात्रा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि हरिद्वार से लौटने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख पड़ाव मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद ही होते हैं। इन जिलों से बड़ी संख्या में कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं, जिसके चलते प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
हाल ही में प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मेरठ पहुंचकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की थी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह तथा मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। तीनों जिलों में पुलिस, प्रशासन, नगर निकाय, स्वास्थ्य, विद्युत और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं।
प्रशासन की ओर से कांवड़ मार्गों की मरम्मत, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा शिविर, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएंगे।
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