Jdnews Vision….
राखी का त्यौहार
रेशम की डोरी सा लगता,
भाई बहन का प्यार।
आया राखी का त्यौहार।
दोनों पुष्प एक डाली के,
दो व्यंजन ज्यों इक थाली के।
पावन रिश्ते की सुगंध सा
भाई बहन का प्यार।
आया राखी का त्यौहार।
बहिन प्रार्थना भाई पूजन
इक रोली है दूजा चंदन,
अग्यारी हवन सा लगता,
भाई बहन का प्यार।
आया राखी का त्यौहार।
एक अग्नि दूसरा हवन है,
वर्षा बहन भाई सावन है
सूरज चंदा जैसा लगता,
भाई बहन का प्यार।
आया राखी का त्यौहार।
बहन भक्ति है भाई उर है,
इक मूरत दूजा मंदिर है।
वेद रिचाओं सा लगता है,
भाई बहन का प्यार।
आया राखी का त्यौहार।
इक मधुबन दूजा निधिवन है,
इक देहरी दूजा आंगन है,
रामायण गीता सा लगता,
भाई बहन का प्यार।
आया राखी का त्यौहार।
गीतकार- अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाईकोर्ट ग्वालियर मध्यप्रदेश।
Jd News Vision