Jdnews Vision….
वाह वाह शब्द पर एक प्रयास
………………………….
वाह वाह भी क्या शब्द है
जितनी भी तारीफ की जाय वो कम है….
स्कॉटिश भाषा से फारसी में आया.
अब हिंदी उर्दू की है शान…
वाह वाह करने से बढ़ जाता है आपका मान…
वाह वाह ही बाँध देता है तारीफों के पुल..
और यही वाह वाह चटा देता है मिनटों में धूल…
ये तारीफ तो करता है पर
अचम्भा हो तो भी वाह वाह
घृणा हो तो भी वाह वाह..
बहुत खुशी में भी वाह वाह..
निंदा करना हो तो भी वाह वाह
क्या शब्द है वाह वाह
अंग्रेज़ी का वाव” wow ”
का अर्थ है लगभग एक..
शब्द तो एक है पर प्रयोग अनेक…
आर डी बाजपेई
संपादक
जेडी न्यूज़ विज़न
लखनऊ
Jd News Vision