Jdnews Vision….
संतोष कुमार गुप्ता…..
कूटरचित दस्तावेजों से भारतीय नागरिकता हासिल करने के आरोपों की चर्चा—तहसील व पुलिस स्तर की रिपोर्ट के बाद भी कार्रवाई का इंतजार!..
‘मोटी रकम’ लेकर दस्तावेज बनवाने के आरोप, प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर भी सवाल..
गोरखपुर: : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में कथित दोहरी नागरिकता और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे भारतीय नागरिकता हासिल करने के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कुछ विदेशी नागरिकों द्वारा कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय नागरिकता संबंधी दस्तावेज हासिल किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मामले में तहसील स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित थाना स्तर से रिपोर्ट भी भेजे जाने की बात सामने आ रही है। इसके बावजूद जिला स्तर पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जांच किस स्तर पर पहुंची है और संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
*‘मोटी रकम’ लेकर दस्तावेज बनवाने के आरोप, प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर भी सवाल*
मामले को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ कर्मचारियों अथवा अधिकारियों की मिलीभगत से कथित रूप से धन लेकर भारतीय नागरिकता से संबंधित दस्तावेज तैयार कराए गए। इन आरोपों की पुष्टि के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है, क्योंकि यदि दस्तावेज वास्तव में कूटरचित पाए जाते हैं तो यह केवल व्यक्तिगत स्तर का मामला नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच का विषय बनेगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि तहसील और पुलिस स्तर से रिपोर्ट वास्तव में जिला प्रशासन तक पहुंच चुकी है, तो उसके आधार पर अब तक क्या कार्रवाई की गई? क्या दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया? संबंधित व्यक्तियों की नागरिकता और पहचान की जांच किस एजेंसी से कराई गई? और यदि आरोप गलत हैं तो इसकी स्थिति भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही?
*गंभीर आरोप हैं तो निष्पक्ष जांच जरूरी*
नागरिकता से जुड़े किसी भी मामले में केवल सूत्रों की सूचना के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय दस्तावेजों का सत्यापन और सक्षम जांच एजेंसियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में कूटरचित दस्तावेज या अवैध तरीके से नागरिकता संबंधी लाभ हासिल करने की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। गोरखपुर में कथित दोहरी नागरिकता के इस मामले में अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई और आधिकारिक जांच के नतीजे पर टिकी हैं।
Jd News Vision