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अरुण कुमार राव……
व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। स्थानीय तहसील क्षेत्र के ग्राम भिंगारी बाजार में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस शनिवार को कथा वाचक पंडित घनश्याम ओझा ने यह बात कही। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा व्यास ने बताया कि जब पृथ्वी पर पाप बढ़ने लगता है, साधु संत सताए जाने लगते हैं, धर्म की अवनति होने लगती है तो भगवान किसी न किसी रूप में इस धरा धाम पर अवतार लेकर अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं। द्वापर युग मे जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान श्रीकृष्ण को अवतरित होना पड़ा, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कथा व्यास पंडित घनश्याम ओझा ने नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..राजा जी खजनवा दे दी, रानी जी गहनवा दे दी सहित आदि भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमने लगे, एक दूसरे को श्रीकृष्ण जन्म की बधाइयां दी गई तथा मिठाइयां बांटी गई। कथा के दौरान मुख्य यजमान वीर बहादुर सिंह, ऊषा किरण, सुरेंद्र सिंह टुनटुन,गुलाब शाही, राजकुमार शाही, बैरिस्टर राय, प्रमोद तिवारी, राजेश दुबे, बलवंत सिंह, डॉक्टर सर्वेश दीक्षित, काशी वर्मा, देवेंद्र कुमार, ओमप्रकाश पटेल, अनिल शाही, सुरेश तिवारी, अजीत शाही, सूरज सिंह सेंगर, बाबूराम कुशवाहा, पशुपति प्रताप पाल, योगेंद्र शाही, सुदामा शाही, रामचंद्र कुशवाहा,बृजेन्द्र सिंह, जितेंद्र सिंह, डॉक्टर अभय प्रताप सिंह, सरोज सिंह, भावना सिंह, हेमलता सिंह, अनिता सिंह,निलम सिंह, अजीत शाही, ललित सिंह, देवव्रत सिंह सहित तमाम श्रोता उपस्थित थे।
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