रामकथा भवसागर से पार लगाने वाली नौका : आचार्य अच्युतानंद शास्त्री
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2 weeks ago
उत्तर प्रदेश
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जेडी न्यूज़ विज़न……
(सन्तोष कुमार गुप्ता)
– नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा का प्रथम दिवस….
गोरखपुर : ; कौड़ीराम : : सिद्धपीठ बाबा बम्बनाथ मंदिर पांडेयपार परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास प्रयागराज संगम तट से पधारे सुप्रसिद्ध रामकथावाचक आचार्य पं. अच्युतानंद शास्त्री ने भक्तों को रामकथा का महत्व बताते हुए कहा जो प्राणी भवसागर से पार होना चाहता है, उसके लिए रामकथा नौका का कार्य करती है।
कथा को विस्तार देते हुए कहा भवसागर को पार करने के लिए व्यक्ति को भक्ति भाव में डूबना पड़ता है। जब तक मन एक भाव में स्थिर नहीं होगा तब तक भक्ति प्राप्ति संभव नहीं है। स्थिर हृदय में ही सच्ची भक्ति का उदय होता है और भक्ति के बिना भगवान की प्राप्ति असंभव है। कथा के दौरान उन्होंने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा गुरु कृपा के बिना भगवान की प्राप्ति नहीं होती और भगवान की कृपा के बिना सद्गुरु का सान्निध्य भी नहीं मिलता। भगवान का साक्षात्कार ही जीव के जीवन को धन्य बनाता है।
इससे पूर्व कथा के मुख्य यजमान एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाब रध्वज उर्फ महंथ सिंह ने व्यासपीठ की आरती उतारी तथा कथा व्यास को तिलक लगाया। जिसके बाद कथा की शुरुआत हुई। हरिश्चंद्र शुक्ला, विश्वनाथ सिंह, जिला कार्यसमिति सदस्य मनोज शुक्ला सोनालिका, नरेंद्र ध्वज सिंह, अखिलेश ध्वज सिंह, जिला पंचायत सदस्य विशाल ध्वज सिंह, हरेंद्र शुक्ला, हरिनंदन सिंह, रणधीर शाही, श्रवण यादव, दिवाकर सिंह, मृत्युंजय सिंह, राजेश पाल, राजेश चौधरी, नागेंद्र गुप्ता, विवेक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।