जेडी न्यूज विजन….
ख्वाहिश विषय पर एक प्रयास……..
ख्वाहिश का क्या है
वो तो अनंत हैं असीम है…
बी
मतलब है इच्छा तमन्ना अभिलाषा..
तो सभी ख्वाहिशें तो किसी की पूरी नहीं होतीं….
कुछ संसाधन न होने पर मंद पड़ जाती हैं…
कुछ को वक्त के थपेड़े निगल जाते है…
किसी को प्यार की
ख्वाहिश
किसी को यार की ख्वाहिश…
कोई रखता है परिवार की ख्वाहिश…
किसी को नौकरी की . तो किसी छोकरी की ख्वाहिश…
किसी को औलाद की , व्यापार की ख्वाहिश..
यहाँ तो एक ही ख्वाहिश थी…
वो भी पूरी न हो सकी…
कोई ऐसा हो जिसके साथ
सारे दुःख दर्द बांट सकूँ…
मगर ये हो न सका
वक्त ने साथ दिया ही नहीं…
और हम बिछड़ गए कहीं से कहीं
अब तो अकेले ही भटक रहे हैं…
इसी ख्वाहिश में शायद हो जाए मुलाकात
फिर खत्म हो जीवन की वो काली रात…
खुश किस्मत होते हैं वो लोग
जिनकी पूरी हो जाती है ख्वाहिशें सारी…
यहाँ तो उम्र गुजर गई इसी इंतजार में
क्या कभी आयेगी हमारी भी बारी…
आर डी बाजपेई
संपादक
जेडी न्यूज विजन
लखनऊ
Jd News Vision