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बलरामपुर 6 जुलाई : : जनपद के थाना ललिया अंतर्गत मथुरा बाजार पुलिस चौकी क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने और दबंगों के हौसले बुलंद होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम मूर्तिहवा (धनघटा) के रहने वाले जलालुद्दीन पर गांव के ही एक रसूखदार दबंग और उसके साथियों ने जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित का सिर फट गया है,दाहिना हाथ और बायां पैर टूट चुका है। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक (SP) बलरामपुर के समक्ष पेश होकर सुरक्षा और मुकदमे की गुहार लगाई है।
भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर मिली तालिबानी सजा
पीड़ित जलालुद्दीन के मुताबिक,उन्होंने 22 मई 2026 को गांव के वर्तमान ग्राम प्रधान के देवर,रोजगार सेवक व अवैध रूप से प्रधान प्रतिनिधि का काम देख रहे आलोक मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इस शिकायत से बौखलाए आलोक मिश्रा ने पहले पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और फिर 25 मई 2026 की रात करीब 11:00 बजे अपने साथियों के साथ लाठी,डंडों व धारदार हथियारों से लैस होकर जलालुद्दीन को घेर लिया। आरोपियों ने बर्बरतापूर्वक पीटकर उन्हें अधमरा कर दिया और उनके पास मौजूद व्यवसाय की वसूली के पैसे लूटकर फरार हो गए।
पुलिस की अजीबोगरीब थ्योरी: ‘आंधी में छप्पर से गिरा पीड़ित’
हैरत की बात यह है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पीड़ित का आरोप है कि मथुरा बाजार चौकी प्रभारी प्रतीक पांडेय और सिपाही राकेश मौर्या पिछले डेढ़ साल से वहां तैनात हैं और आरोपी को सीधा संरक्षण दे रहे हैं।
मामले को दबाने के लिए पुलिस ने एक मनगढ़ंत और हास्यास्पद कहानी गढ़ दी है कि “उस रात आंधी आई थी और पीड़ित छप्पर से गिरकर घायल हुआ है।” पीड़ित ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा:
”उस रात क्षेत्र में कोई आंधी नहीं आई थी। अगर कोई व्यक्ति छत से गिरता है,तो उसके शरीर के एक हिस्से में चोट आएगी। लेकिन मेरे सिर के बीच में गहरा घाव है,दाहिना हाथ और बायां पैर दोनों टूटे हैं,जो साफ बयां करते हैं कि मुझे बेरहमी से पीटा गया है।”
आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास,प्रधानी के कार्यों पर लगी है रोक
शिकायती पत्र के अनुसार,आरोपी आलोक मिश्रा इलाके का हिस्ट्रीशीटर और शातिर किस्म का अपराधी है। उसके खिलाफ थाना ललिया में वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक आधा दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे (BNS और IPC की धाराओं में) दर्ज हैं।
लूट,भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के कारण पिछले एक वर्ष से उसकी प्रधानी के कार्यों पर भी रोक लगी हुई है और उसे रोजगार सेवक के पद से हटाने की नोटिस जारी हो चुकी है। हाल ही में उसका एक रिवॉल्वर लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था,जिसमें पुलिस ने सांठगांठ कर मुख्य आरोपी को बचा लिया था।
पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार
स्थानीय पुलिस से निराश होकर पीड़ित जलालुद्दीन ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर निम्नलिखित मांगें की हैं:
मेडीको-लीगल रिपोर्ट (MLR) के आधार पर आरोपी आलोक मिश्रा और उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले व लूटपाट की धाराओं में तत्काल FIR दर्ज हो।
आरोपी को संरक्षण देने वाले चौकी इंचार्ज प्रतीक पांडेय और सिपाही राकेश मौर्या को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाया जाए ताकि जांच निष्पक्ष हो सके।
पीड़ित और उसके परिवार को जान-माल की सुरक्षा प्रदान करते हुए आरोपियों को अविलंब जेल भेजा जाए।
अब देखना यह है कि इस गंभीर मामले में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित को न्याय मिलता है या खाकी का संरक्षण यूं ही बरकरार रहता है।
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