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लखनऊ 21 जुलाई 2026: : राजधानी लखनऊ में हुई हल्की बारिश ने ही एक बार फिर नगर निगम के विकास कार्यों की पोल खोल दी है। लगातार उपेक्षा, प्रशासनिक उदासीनता और वर्षों से अनसुनी की जा रही शिकायतों से बेबस एवं पूरी तरह निराश होकर हासेमऊ, मल्हौर, लौलाई और देवरिया क्षेत्रवासियों ने आज गंदे नाले में तब्दील हो चुकी एमिटी युनिवर्सिटी से होकर वन वर्ल्ड जाने वाली सड़क पर प्रदर्षन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आकाश यादव ने कहा कि हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी पीड़ा को सार्वजनिक करने पर मजबूर हो चुके हैैं। नागरिक प्रशासन और नगर निगम का ध्यान इस गंभीर जनसमस्या की ओर आकर्षित करने के लिए ही हमने गंदे पानी में उतरकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया ताकि सरकार तक नागरिको की आवाज पहुंच सके। उनका कहना है कि जब मूलभूत सुविधाओं की मांग भी वर्षों तक अनसुनी रह जाए, तो विरोध का यह स्वर उनकी मजबूरी बन जाता है।यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की वर्षों से चली आ रही पीड़ा, बेबसी और प्रशासन से न्याय की गुहार है। अंदाजा करिए कि जब मुख्य सड़़क का यह हाल है तो अंदर गांव की सड़कों का क्या हाल होगा। हासेमउ में तो सड़क पूरी तरह विलुप्त ही हो चुकी हैा
विदित हो कि मल्हौर से हासेमऊ, जगपाल खेड़ा, भरवारा, वन वर्ल्ड सिटी, खरगापुर और शहीद पथ को जोड़ने वाली मुख्य सड़क जरा सी बारिश में ही जलमग्न हो गई है। यह सड़क एमिटी यूनिवर्सिटी से सटी हुई है और इसपर रोजाना हजारों की तादाद में छात्र-छात्राओं सहित लाखों नागरिकों का आवागमन होता है।
उक्त सड़क पहले पर पहले से ही मौजूद छोटे-बडे दर्जनों गड्ढे लगातार राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए है। अब उनमे लबालब पानी भर जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश का पानी भर जाने से ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिसके कारण दोपहिया वाहन चालक, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और पैदल राहगीर आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। रात के अंधेरे में तो यह साक्षात यमराज का रूप बन जाते हैं। क्यूकि इस सड़क पर प्रकाष की कोई व्यवस्था नही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र को नगर निगम लखनऊ के अधीन आए आधे दशक से अधिक समय बीत चुका है। नगर निगम नियमित रूप से हाउस टैक्स भी वसूल रहा है, लेकिन आज तक यहां न तो समुचित जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण कराया गया और न ही सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण किया गया। जिसके कारण जरा सी बारिष में ही जलभराव हो जाता है। स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। मुख्य सड़क पर इतने गहरे गड्ढे हो चुके हैं कि सड़क पहचानना मुश्किल हो गया है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद नगर निगम और संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग पर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए, सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों को इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े..
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