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मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी. पी. पाठक ने ऊर्जा विभाग द्वारा संविदा आधार पर नियुक्त अनुकंपा आश्रितों को नियमित करने के आदेश पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि आदेश में अनेक विसंगतियाँ होने के कारण वर्षों से इंतज़ार कर रहे कर्मचारियों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मुख्य मुद्दे एवं माँगें:
CPCT में 3 वर्ष की छूट: मध्यप्रदेश शासन अपने अनुकंपा आश्रितों को नियमित नियुक्ति के साथ CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करने हेतु 3 वर्ष की छूट दे रहा है। परंतु बिजली कंपनियों में यह लाभ नहीं दिया जा रहा, जिससे कर्मचारियों में निराशा और असुरक्षा की भावना है। शासन के पैरा-6 के अनुसार बिजली कंपनियों में भी 3 वर्ष की छूट तत्काल लागू की जाए।
अनुभव के आधार पर पूर्ण छूट: यह कर्मचारी CPCT लागू होने से पूर्व से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और अपनी दक्षता सिद्ध कर चुके हैं। अतः प्रथम नियुक्ति तिथि के अनुसार इनके अनुभव को CPCT के समकक्ष मानते हुए पूर्ण छूट दी जाए।
वरिष्ठता व वेतन संरक्षण: कर्मचारियों को मूल नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का लाभ मिले, वेतन संरक्षण (Pay Protection) सुनिश्चित हो ताकि वेतन में कमी न आए, तथा संविदा अवधि को वेतन निर्धारण व पदोन्नति में जोड़ा जाए।
फेडरेशन के प्रदेश प्रवक्ता मदन वर्मा (इंदौर/जबलपुर) ने बताया कि संघ ने ऊर्जा मंत्री, ऊर्जा सचिव और सभी कंपनियों के प्रबंध निदेशकों (MDs) से अपील की है कि 15 वर्षों से कार्यरत इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नीतिगत विसंगतियों को अविलंब दूर किया जाए।
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