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लखनऊ, 03 अगस्त, : : एमिटी विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में सोमवार को नए शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए ’’दीक्षारम्भ-2026, स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम‘‘ का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, परिसर की सुविधाओं और छात्र जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम में नव प्रवेषित विद्यार्थी और उनके विभागों के संकाय सदस्यों के साथ प्रति कुलपति, एमिटी विष्वविद्यालय लखनऊ परिसर, प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, उप प्रति कुलपति, सेवानिवृत्त विंग कमांडर डा. अनिल तिवारी, डीन छात्र कल्याण डा. राजीव वर्मा, डीन अकादमिक प्रो राजेश कुमार तिवारी, सहित सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की कुलपति प्रो. (डॉ.) बलविंदर शुक्ला ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि एमिटी एक वैश्विक विश्वविद्यालय है, जहां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक के. चौहान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से वर्ष 2030 तक भारत को वैश्विक महाशक्ति तथा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और व्यक्तित्व विकास के अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के सफल शैक्षणिक जीवन और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम में सभी नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और एमिटी विश्वविद्यालय की परम्पराओं, व्यवस्था, नियमों, सुविधाओं और परिसर के बारे में जानकारी हासिल की।
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