Jdnews Vision….
*गीत*
हे अमर शहीदों! नमन तुम्हें।
सूरज भी करता नमन तुम्हें,
चंदा भी करता नमन तुम्हें।
कारगिल रण में झुके नहीं,
तुम अमरदीप हो नमन तुम्हें।।
भारत माँ का सच्चा सपूत,
माँ की आँखों का तारा था।
हर मोर्चे पर वह डटा रहा,
गिन – गिन कर शत्रु मारा था।
तोपों की गर्जन होती थी,
तब सारी जनता सोती थी।
माइनस डिग्री जब पारा था,
जय हिन्द का देता नारा था।।
भारत की धरती नमन तुम्हें,
शेरों की धरती नमन तुम्हें।
वीरों की जननी नमन तुम्हें,
हे अमर शहीदों! नमन तुम्हें।।
डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी
‘ विद्या – सागर ‘
खुर्जा, बुलंदशहर ( उ. प्र.)
रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
Jd News Vision