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सरकारी संपत्ति का अवैध विक्रय, अवैध वसूली और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप…
बिल्हा सारधा: : शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (शा.उ.मा.वि.) सारधा में प्रशासनिक अराजकता, गंभीर वित्तीय धांधली और गरिमा को ताक पर रखने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शाला विकास एवं प्रबंधन समिति (S.M.D.C.) के अध्यक्ष व सदस्यों तथा उच्च अधिकारियों की अनुमति और स्वीकृति के बिना विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती व्ही. एस. थामस द्वारा सरकारी संपत्ति को अवैध रूप से कबाड़ में बेचने, छात्राओं से अवैध वसूली करने और 15 अगस्त को ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।
बिना अनुमति बेचा 5 क्विंटल लोहा, पूर्व का हिसाब भी गायब
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राचार्या श्रीमती व्ही. एस. थामस द्वारा बिना किसी सक्षम अधिकारी की सहमति अथवा S.M.D.C. के प्रस्ताव के, विद्यालय का लगभग 5 क्विंटल वजनी लोहे का टेबल, कुर्सी फ्रेम एवं दरवाजा एक कबाड़ी को बेच दिया गया। यह पहली घटना नहीं है; इससे पूर्व शैक्षणिक सत्र 2023-24 में भी कबाड़ी को बुलाकर विद्यालय के शिक्षक धीरेन्द्र जोशी एवं यशवंत साहू को निर्देशित कर कबाड़ निकलवाया और बेचा गया था। उस समय प्राप्त राशि, उसके उपयोग और खाते के हिसाब-किताब की कोई भी जानकारी न तो पंजी में दर्ज की गई और न ही S.M.D.C. सदस्यों को प्रदान की गई।
सरस्वती साइकिल योजना में अवैध वसूली, मीडिया के दबाव में लौटाई राशि
निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की बालिकाओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों के एवज में प्रति छात्रा 100 रुपये वसूले जाते रहे हैं। सत्र 2024-25 में मीडिया में खबर उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया, जिसके पश्चात आनन-फानन में छात्राओं को यह राशि वापस की गई। हालांकि, सत्र 2012-13 से सत्र 2023-24 तक वसूली गई भारी-भरकम राशि का कोई हिसाब-किताब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही कोई रिकॉर्ड संधारित है, जिससे व्यापक गबन की आशंका जताई जा रही है।
जूते पहनकर ध्वजारोहण: राष्ट्रीय ध्वज का घोर अपमान
प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता की चरम सीमा तब देखने को मिली जब 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्राचार्या श्रीमती व्ही. एस. थामस ने जूते पहनकर ही ध्वजारोहण कर दिया। जब विद्यालय की सर्वोच्च पद पर आसीन प्राचार्या स्वयं राष्ट्रध्वज के प्रोटोकॉल और मर्यादा का उल्लंघन करेंगी, तो विद्यार्थियों को क्या संस्कार मिलेंगे? इस घटना से स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
परिसर में शराब की बोतलें, लाखों की वॉटर फिल्टर मशीन बनी कबाड़
विद्यालय परिसर की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। शाला प्रांगण में शराब की खाली बोतलें और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सुरक्षा संबंधी नियमों को ताक पर रखकर बच्चों से पानी का बोर चालू व बंद करवाया जाता है, जहाँ पाइप फटने की वजह से रोजाना पानी व्यर्थ बह रहा है। इसके अतिरिक्त, विद्यालय में स्थापित लाखों रुपये मूल्य की तीन वॉटर फिल्टर मशीनें रख-रखाव के अभाव में कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं, जिन्हें भी कथित रूप से बेचने की योजना की आशंका जताई जा रही है।
पत्रकारों से अभद्रता और मीडिया कवरेज पर रोक
विद्यालय की इस बदहाली और अनियमितताओं की फोटो खींचने एवं कवरेज करने पहुँचे मीडिया कर्मियों के साथ प्राचार्या द्वारा बदसलूकी और अभद्र व्यवहार किया गया, ताकि उनकी इस कार्यप्रणाली का सच जनता के सामने न आ सके।
स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और समिति के सदस्यों ने शासन-प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से माँग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए तथा दोषी प्राचार्या के विरुद्ध तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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