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पुवायां /शाहजहांपुर : : पुवायां में सैकड़ो साल पुराना हरदेव राजा (ग्राम देवता) का प्राचीन स्थान है। जहां पर रोजाना श्रद्धालु पूजा पाठ करने आते है और प्रति वर्ष ग्राम देवता की पूजा भी होती है। जिसमें पूरे पुवायां के लोग सम्मिलित होते है। इसके पास में ही करीब चार पीढ़ी से महाराणा प्रताप जी के वंशज कहे जाने वाले लौहार बढैया जाति के करीब 66 परिवार रहते है। इन परिवारों के लोग भी इस स्थान पर पूजा पाठ करते है और देखभाल भी करते है। दो दिन पहले इन परिवारों ने ग्राम देवता के इस स्थान पर देवी देवताओं की आकृति छापी कुछ टायल्स लगवा दी। इसकी खबर कुछ जयचंदो ने पुवायां की गढ़ी में भिजवा दी। गढ़ी से उनके सिपालाकार श्री गंगाराम मिश्र जी दौड़े दौड़े आ गए। टाइल्स के काम को रुकवा दिया, साथ भी बोले, यहां जो होगा राजा साहब करेंगे। तुम लोग कुछ नहीं करवा सकते। इतने से भी जी ना भरा तो वह अपने साथी विश्व हिंदू परिषद शाहजहांपुर के जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार गुप्ता जी के साथ थाने पहुंच गए और पुलिस भेजकर लौहार बढैया परिवारों को डरना धमकाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही स्थान पर लगाई गई देवी देवताओं की आकृति छपी टाइल्स को भी हटवा दिया। अब सवाल उठता है कि क्या पुवायां में आज भी राजतंत्र है? या फिर लौहार बढैया जाति के लोगों को पूजा पाठ करने का अधिकार नहीं है या वह मंदिर पर देवी देवताओं की आकृति छपी टाइल्स नहीं लगवा सकते। धार्मिक स्थल कोई भी हो किसी व्यक्ति विशेष का नहीं होता है क्योंकि अब राजतंत्र नहीं प्रजातंत्र है और हर कोई व्यक्ति अपने कार्य के लिए स्वतंत्र है ऐसे में क्या हरदेव राजा के स्थान पर लौहार बढैया समाज के लोगों ने देवी देवताओं की आकृति छपी टाइल्स लगाकर कौन सा गुनाह कर दिया था, जो कथित राजा के सिपाहसलाहकार और विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष ने पुलिस का डर दिखाकर टाइल्स हटवा दिए। ऐसे में मेरा सवाल है कि क्या पुवायां में आज भी राजतंत्र है, जो उनके हिसाब से उनकी अनुमति से ही काम होगा। हिंदू युवा संगठन उत्तर प्रदेश अ इस पूरे कृत्य की घोर निंदा करता है और इस मुद्दे पर लौहार बढैया समाज के लोगों के साथ हर तरह से कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ने को तैयार है।बताया गया कि इस धर्मस्थल की करोड़ो की भूमि को बिक्री कर दुकाने बनवा दी है।
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