तुलसीपुर में ‘मौत के क्लीनिक’ पर स्वास्थ्य विभाग का हथौड़ा, नारायण क्लीनिक सील, झोलाछाप संचालक पर FIR
admin
June 26, 2026
प्रादेशिक
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जेडी न्यूज विजन….
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जागा महकमा; बिना MBBS और सर्जन के चल रहा था ‘जच्चा-बच्चा’ की जान से खिलवाड़ का खेल….
तुलसीपुर (बलरामपुर), 26 जून: :
स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर मासूम मरीजों की जिंदगी से जुआ खेलने वाले सिंडिकेट के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। तुलसीपुर क्षेत्र में बिना किसी रजिस्ट्रेशन और बिना वैध डिग्री के धड़ल्ले से संचालित हो रहे ‘नारायण क्लीनिक’ को आज स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह सील कर दिया। इस ताबड़तोड़ एक्शन से इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।

सोशल मीडिया पर खुलासे के बाद हरकत में आया विभाग
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नारायण क्लीनिक के काले कारनामों और वहाँ हो रहे गलत इलाज का समाचार तेजी से वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो और पोस्ट्स में यह गंभीर आरोप लगाए गए थे कि इस क्लीनिक में बिना किसी विशेषज्ञ MBBS डॉक्टर या सर्जन के, अनुभव विहीन लोग मरीजों को गुमराह कर उनका इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह भी बात सामने आई थी कि ऐसे अप्रशिक्षित लोगों के हाथों इलाज होने के कारण कई बार ‘जच्चा-बच्चा’ (गर्भवती महिलाओं और नवजातों) की जान पर बन आती है और मौत के मामले भी सामने आते हैं।
नोडल अधिकारी की संयुक्त टीम ने मारा छापा
सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। सीएमओ के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। आज जब यह टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची, तो क्लीनिक के भीतर हड़कंप मच गया। जांच में संचालक क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन या अपनी मेडिकल डिग्री से जुड़ा एक भी कागज दिखाने में पूरी तरह नाकाम रहा।
सिफारिशें धरी की धरी रहीं, दर्ज हुआ मुकदमा
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई को रुकवाने के लिए क्लीनिक संचालक ने रसूखदारों से फोन करवाकर तमाम प्रकार की सिफारिशें लगवाने की कोशिश की। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए क्लीनिक पर सरकारी ताला जड़ दिया। इसके साथ ही जनता की जान खतरे में डालने के आरोप में तुलसीपुर थाने में आरोपी संचालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग की दोटूक चेतावनी:
“जनपद में किसी भी झोलाछाप या बिना डिग्री वाले व्यक्ति को क्लीनिक चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसका ठिकाना जेल होगा। नारायण क्लीनिक को सील कर संचालक पर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।”
दलाली का आरोप लगाने वालों को करारा जवाब
नारायण क्लीनिक पर हुई इस सीलिंग ने उन तत्वों के मुंह पर भी तमाचा जड़ा है, जो अपनी कमियों को छुपाने के लिए सच उजागर करने वालों को ही ‘दलाल’ बताने लगते हैं। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि जब बिना कागजों के दुकान चलेगी और मरीजों को गुमराह किया जाएगा, तो कानून का डंडा इसी तरह बरसेगा।