Breaking News

बरसो झड़ी से झड़ी लगाके…!

जेडी न्यूज़ विज़न…..

कविता –

बरसो झड़ी से झड़ी लगाके…!
——

​वह आ रहा, मन को भा रहा,
मगर धीरे-धीरे।
​तुम मेघ क्या सिर्फ गर्जन के,
बरसो झड़ी से झड़ी लगाके।
​तेज मूसलाधार बरसो मेघ,
अनवरत वर्षा चाहूँ।
​पर दिखते नहीं हालात नज़र में,
रीती धरती, सूना पड़ा आकाश।
​सूखी है अभी, बहुत बढ़ी प्यास,
नदी, ताल, कुएँ, झरने तुझसे रूठे।
​सूखा कंठ सुरीला, नैनन से जल छलके,
ये कैसा आघात रे बादल।
​देने वाला दयावान होता है, जिसके
रुकते नहीं हाथ, ऐसी करो बरसात।
​वर्षा कहूँ मीठी नर्म जुबान हो जाए,
करूँ अंतर्मन से जयकार।

– मदन वर्मा “माणिक”
इंदौर, मध्यप्रदेश

​दिनांक 26.06.26

About admin

Check Also

रास्ता रोककर शराब पीने के लिए पैसे मांगने, मना करने पर चाकू की नोक पर लूट करने वाला आरोपी गिरफ्तार

Jdnews Vision…. बिलासपुर (छ.ग.) : :  रास्ता रोककर शराब पीने के लिए पैसे मांगने, मना …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *