जेडी न्यूज विजन…
5 साल में 1 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग, 40% महिलाएं होंगी…
लखनऊ: :प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर के विस्तार से रोजगार की नई संभावनाएं भी पनप रही हैं। इनको अवसर में बदलने के लिए हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने टेक्सटाइल सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप नई कौशल विकास एवं प्रशिक्षण योजना का खाका तैयार किया है
योजना का प्रमुख लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना रोजगार दिलाना है। इसमें 40% महिलाएं होंगी।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश को टेक्सटाइल एवं अपैरल क्षेत्र से जुड़े करीब 700 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इन प्रस्तावों में 10,784 करोड़ रुपये के निवेश और 1,02,262 संभावित रोजगार सूजन का अनुमान है। उद्योगों की इसी चढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की रणनीति बनाई गई है। योजना पूरी तरह मांग आधारित होगी।
योजना में किनको किया जाएगा शामिल
उद्योगों की वास्तविक जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तय किए जाएंगे। इसके लिए उद्योग, प्रशिक्षण संस्थान और अभ्यर्थियों को जोड़ने वाला एकीकृत डिजिटल प्लैटफॉर्म विकसित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रमाणन और रोजगार को जोड़कर ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे प्रशिक्षित युवाओं को सीधे नौकरी मिलने में आसानी हो।
नई योजना में गारमेंटिंग, हैंडलूम, सिल्क, जूट, टेक्निकल टेक्सटाइल, प्रोसेसिंग, डिजाइनिंग और निटिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। साथ ही मेडिकल टेक्सटाइल, प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल, जियोटेक्सटाइल और अन्य उभरते क्षेत्रों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल किए गए हैं, ताकि उद्योगों को उनकी जरूरत के मुताचिक प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध करवाया जा सके। योजना के तहत न्यूनतम 40 प्रतिशत महिला सहभागिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा रोजगार पाने वाले प्रशिक्षार्थियों की छह माह तक पोस्ट प्लेसमेंट ट्रैकिंग की जाएगी, ताकि रोजगार की स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
क्यों पड़ी नई योजना की जरूरत?
प्रदेश में पहले से चल रहे कौशल कार्यक्रमों के आकडे बताते है कि लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और बिजनौर समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण मिला है। यूपी स्किल डिवेलपमेंट मिशन के तहत 2022-23 से 2024-25 के दौरान 1.88 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया और 1.68 लाख से अधिक को प्रमाणित किया गया। विभाग का मानना है कि पीएम मित्र पार्क, संत कबीर टेक्सटाइल एव अप्रैल को पार्क और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं के चलते आने वाले वर्षों में प्रशिक्षित कार्यबल की माग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में यह योजना कौशल विकास के साथ रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन सकती है।
Jd News Vision