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रहीमाबाद में तैनात दरोगा गुड्डू प्रसाद पर विवेचना के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप

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(सुरेन्द्र कुमार वर्मा )

लखनऊ : : जनपद के रहीमाबाद में तैनात दरोगा गुड्डू प्रसाद पर विवेचना के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस ने उन्हें निलंबित कर दिया है। वायरल ऑडियो में एसआई यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि सैलरी से गुजारा नहीं हो पाता है।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वायरल ऑडियो-वीडियो थाना रहीमाबाद में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना के दौरान अभियुक्त पक्ष से रुपये मांगने के आरोपों से संबंधित प्रतीत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई गुड्डू प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच एसीपी अलीगंज को सौंपी गई है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित विष्णु कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके भाई से जुड़े धोखाधड़ी के मुकदमे की विवेचना कर रहे एसआई गुड्डू प्रसाद लगातार पैसे की मांग कर रहे थे। 17 मई 2026 को उनके बेटे शांतनु द्विवेदी को घर से उठाकर थाने ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। बाद में 25 हजार रुपए लेने के बाद उसे छोड़ा गया।

 

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि एसआई कई बार घर पहुंचे। महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और रात में दरवाजा पीटकर परिवार को डराया। दरोगा ने पहले दो लाख और बाद में डेढ़ लाख रुपए देने का दबाव बनाया। पैसे नहीं देने पर पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने इन आरोपों के समर्थन में वीडियो साक्ष्य होने का दावा किया है।

 

विष्णु कुमार का कहना है कि भ्रष्टाचार निवारण इकाई और कंट्रोल रूम में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि इसी वजह से आरोपी दरोगा के हौसले बढ़ गए और परिवार लगातार मानसिक दबाव बनाता रहा।

लखनऊ पुलिस का कहना है कि वायरल ऑडियो-वीडियो की सत्यता और रिश्वत मांगने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विभागीय और विधिक कार्रवाई की जाएगी

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