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अली गंज कोचिंग सेन्टर में अग्नि काण्ड मामले में किसान नेता ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र…

जेडी न्यूज विजन…

(सुरेन्द्र कुमार वर्मा)

दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की किया मांग …

लखनऊ : :  जनपद के अली गंज मे जो कोचिंग सेन्टर मे अग्नि काण्ड हुआ है उसके सम्बन्ध में भाकियू टिकैत के जिला अध्यक्ष लखनऊ आलोक कुमार वर्मा ने कार्रवाई के लिए  मुख्यमंत्री  को एक पत्र लिखा है जिसमें अवैध एवं मानकविहीन भवनों मे संचालित कोचिंग सेंटर और अन्य गतिविधिया के संचालन से हुई जनहानि के लिए दोषी बिल्डरों, एलडीए एवं नगर निगम अधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्यवाही किए जाने तथा मृतकों के परिजनों को ₹50-50 लाख मुआवजा प्रदान किए जाने एवं विशेष रूप के कोचिंग का केंद्र हजरतगंज मे संचालित थोक के भाव से अवैध भवनों मे संचालित कोचिंग सेंटर कि जांच कर कार्यवाही के संबंध


हाल ही में घटित भवन दुर्घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का गठजोड़ आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है। यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित प्रशासनिक विफलता एवं भ्रष्ट तंत्र द्वारा किया गया अपराध है, जिसके कारण निर्दोष नागरिकों की असमय मृत्यु हुई है।
विगत वर्षों से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) एवं नगर निगम के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से मानकों के विपरीत बहुमंजिला भवनों, कॉम्प्लेक्सों एवं अवैध निर्माणों को संरक्षण दिया जाता रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति, बिना सुरक्षा मानकों एवं बिना तकनीकी परीक्षण के अनेक भवन संचालित होते रहे, जिनकी शिकायतें लगातार की जाती रहीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने धन उगाही के लालच में आंखें मूंदे रखीं।
जब किसी भवन की वैधता और सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों का वैधानिक दायित्व है, तब ऐसे भवनों के संचालन की अनुमति देना सीधे-सीधे मानव जीवन को खतरे में डालना है। इस घटना में केवल बिल्डर ही नहीं बल्कि एलडीए, नगर निगम एवं संबंधित विभागों के वे सभी अधिकारी भी समान रूप से दोषी हैं जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया।

इस घटना की जांच उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (SIT) अथवा न्यायिक आयोग से कराई जाए।
दोषी बिल्डरों, भवन स्वामियों एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की हत्या एवं आपराधिक षड्यंत्र संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।

जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले एलडीए एवं नगर निगम अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही की जाए।
मृतक प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹50-50 लाख का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
लखनऊ में संचालित सभी बहुमंजिला भवनों, मॉल, होटल एवं व्यावसायिक परिसरों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कर अवैध एवं मानकविहीन निर्माणों को तत्काल सील एवं ध्वस्त किया जाए।
विशेष रूप के कोचिंग का केंद्र हजरतगंज मे संचालित थोक के भाव से अवैध भवनों मे संचालित कोचिंग सेंटर कि जांच कर कार्यवाही की जाए ।
जांच समिति में भारतीय किसान यूनियन के कम से कम एक प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
यदि इस प्रकरण में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर वास्तविक दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया तो यह मृतकों के साथ अन्याय होगा और जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास समाप्त हो जाएगा।
आशा है कि जनहित एवं न्याय की भावना को ध्यान में रखते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु :. मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन।
मंडलायुक्त, लखनऊ मंडल।
जिलाधिकारी, लखनऊ।
उपाध्यक्ष, लखनऊ विकास प्राधिकरण।
नगर आयुक्त, नगर निगम लखनऊ।
पुलिस आयुक्त ,लखनऊ

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