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हमारी मातृ भूमि भारतवर्ष का 15 अगस्त का शुभ दिन वास्तव में हमारे लिए गौरव का क्षण है। यह दिन उस ऐतिहासिक दिन को चिह्नित करता है जिसे आज 79 साल पूरे हो गये हैं।
इस 80 वें स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे।

गुरुवार 15 अगस्त के दिन इस बार जब लाल किले से पीएम मोदी तिरंगा फहराएंगे तो उनके नाम एक खास रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। पीएम मोदी लगातार 12 वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराकर देश को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के नाम इस दिन सबसे लंबा भाषण देने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। इसी के साथ वे लगातार 12वीं बार लाल किले से भाषण देने वाले देश के तीसरे प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
हम श्रद्धांजलि देने और अपने नेताओं द्वारा किए गए संघर्षों को याद करने के लिए 2026 में शुभ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। सर्वश्रेष्ठ चयनित खुश स्वतंत्रता दिवस के बाद उस संदर्भ में मातृ भूमि के साथ प्यार और वफादारी व्यक्त करने के लिए लिखा गया है ।
वैसे भी विगत वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में राममंदिर का बहुप्रतीक्षित भूमिपूजन सम्पन्न हुआ है । और देश का चहुमुखी विकास हुआ है।
सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी। प्रतिवर्ष इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं।
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15 अगस्त 1947 के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने, दिल्ली में लाल किले के लाहौरी गेट के ऊपर, भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
प्रतिवर्ष इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं। 15 अगस्त 1947 के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने, दिल्ली में लाल किले के लाहौरी गेट के ऊपर, भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
०महात्मा गाँधी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में लोगों ने काफी हद तक अहिंसक प्रतिरोध और सविनय अवज्ञा आंदोलनों में हिस्सा लिया। स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश भारत को धार्मिक आधार पर विभाजित किया गया, जिसमें भारत और पाकिस्तान का उदय हुआ। विभाजन के बाद दोनों देशों में हिंसक दंगे भड़क गए और सांप्रदायिक हिंसा की अनेक घटनाएं हुईं। विभाजन के कारण मनुष्य जाति के इतिहास में इतनी ज्यादा संख्या में लोगों का विस्थापन कभी नहीं हुआ। यह संख्या तकरीबन 1.45 करोड़ थी।
भारत की जनगणना 1951 के अनुसार विभाजन के एकदम बाद 72,26,000 मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान गये और 72,49,000 हिन्दू और सिख पाकिस्तान छोड़कर भारत आए थे ।

० इस दिन को झंडा फहराने के समारोह, परेड और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है। भारतीय इस दिन अपनी पोशाक, सामान, घरों और वाहनों पर राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर इस उत्सव को मनाते हैं और परिवार व दोस्तों के साथ देशभक्ति फिल्में देखते हैं, देशभक्ति के गीत सुनते है।
क्या हम वास्तव में आज़ाद हो गए हैं ?…
लेकिन इन सबसे ऊपर हमे यही सोचना है और यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर हर एक भारत वासी को खोजना होगा , और जिस दिन यह मिल गया वह सुबह हमारी आज़ादी की पहली सुबह होगी।।
( आर डी बाजपेई )
संपादक
जनोदय न्यूज़ विज़न
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