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संतोष कुमार गुप्ता….
गोरखपुर : : बांसगांव तहसील के चिउटहा बसावनपुर में स्थानीय प्रशासन के सुस्त रवैये और स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर अनदेखी के कारण एक बार फिर एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी। सर्पदंश की शिकार हुई नाबालिग बच्ची उमेश त्रिपाठी पुत्री प्रज्ञा त्रिपाठी उर्फ छोटी सांप के काटने की शिकार हुई एक मासूम बच्ची ने समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ दिया। दर्दनाक पहलू यह रहा कि घटना के घटित होने के घंटों बाद भी कोई उच्च अधिकारी स्थिति का जायजा लेने या पीड़ित परिवार को सांत्वना देने मौके पर नहीं पहुंचा।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची को सांप के काटने के तुरंत बाद परिजन आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले गए। हालांकि, वहां न तो वक्त पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध थीं और न ही आपातकालीन चिकित्सा का कोई पुख्ता इंतजाम था। स्वास्थ्य तंत्र की इस लचर कार्यप्रणाली के चलते बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
अधिकारियों की बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश….
घटना की सूचना मिलने के बावजूद प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रशासन के इस संवेदनहीन और ढुलमुल रवैये को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सर्पदंश जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में न तो एंटी-वेनम इंजेक्शन उपलब्ध हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही समझते हैं।
पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर घोर लापरवाही का आरोप लगाया।
और कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि इस मासूम की मौत के बाद सोया हुआ प्रशासन नींद से जागता है या फिर यह घटना भी कागजी फाइलों में दबकर रह जाती है।
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