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(राघवेंद्र मिश्रा, प्रबंध संपादक)
नई दिल्ली: : भारतीय रेलवे ने स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री ने जानकारी दी कि रेलवे बोर्ड, सभी जोनल रेलवे और मंडल स्तर पर समर्पित पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन विभाग स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी निगरानी करना और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित रूप से संचालित करना है।
रेल मंत्री के अनुसार, यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए 1,450 जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनों में ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा (OBHS) उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से यात्रा के दौरान ही कोचों की नियमित सफाई, शौचालयों का रखरखाव तथा स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है।
इसके अलावा, क्लीन ट्रेन स्टेशन (CTS) योजना के तहत देश के 63 रेलवे स्टेशनों पर लगभग 2,800 ट्रेनों के कोचों की सफाई की व्यवस्था की गई है। इस योजना से कोच अधिक स्वच्छ बने हैं, यात्रियों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं मिल रही हैं और यात्रा का अनुभव पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुआ है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे ने विभिन्न स्टेशनों पर 13 बायोगैस संयंत्र, 171 कंपोस्टिंग प्लांट तथा 8 मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) स्थापित की हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास के लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है।
रेल मंत्रालय का कहना है कि स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल रेलवे प्रणाली विकसित करना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में आधुनिक कचरा प्रबंधन, बेहतर सफाई व्यवस्था और हरित पहल को लगातार विस्तार दिया जा रहा है।
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