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बिलासपुर : : मस्तूरी ब्लॉक/कागजों पर खोद डाला एक ही तालाब 3 बार, कलेक्टर की शिकायत के बाद जांच टीम को देख दुम दबाकर भागी रोजगार सहायक शशि प्रभा कुर्रे…
:मनरेगा योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना सरपंच की जानकारी और हस्ताक्षर के राशि का गबन।एक ही डबरी (तालाब) को कागजों पर तीन बार खोदकर निकाली गई सरकारी रकम।अपने ही परिवार के नाम पर चढ़ा दीं सात फर्जी डबरी
मस्तुरी: 17 सितंबर 2026 ग्राम पंचायत कुटेला में मनरेगा के तहत ग्रामीणों को रोजगार देने वाली योजना में भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ की रोजगार सहायक शशि प्रभा कुर्रे द्वारा एक ही डबरी को कागजों पर तीन बार खोदकर और अपने ही परिवार के सदस्यों के नाम पर सात फर्जी डबरियां स्वीकृत कराकर लाखों रुपये के सरकारी फंड का गबन कर लिया गया है।
इस पूरे घोटाले को स्थानीय सरपंच की जानकारी और बिना उनके हस्ताक्षर के अंजाम दिया गया।
जांच टीम को देख भागी महिला रोजगार सहायक
मामले की लिखित शिकायत ग्रामीणों द्वारा जिले के कलेक्टर से की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जब एक विशेष जांच टीम भौतिक सत्यापन के लिए मौके पर पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। जांच अधिकारियों को गांव में आया देख और पकड़े जाने के डर से आरोपी महिला रोजगार सहायक शशि प्रभा कुर्रे मौके से दुम दबाकर भाग खड़ी हुई। जांच टीम के सवालों का सामना करने के बजाय रोजगार सहायक ने वहां से नौ दो ग्यारह होना बेहतर समझा।
फर्जीवाड़े का अनोखा खेल
ग्रामीणों का आरोप है कि महिला रोजगार सहायक ने पद का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय धोखाधड़ी की सारी हदें पार कर दीं। कागजों में हेरफेर करके एक ही पुराने तालाब को तीन अलग-अलग वित्तीय वर्षों में नया दिखाकर उसकी राशि आहरित कर ली गई। इतना ही नहीं, अपने परिवार को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर सात ऐसी डबरियों का निर्माण कागजों पर दर्ज कर दिया गया, जो धरातल पर अस्तित्व में ही नहीं हैं।
बिना सरपंच के हस्ताक्षर के हुआ भुगतान
इस पूरे फर्जीवाड़े की सबसे गंभीर बात यह है कि ग्राम पंचायत के सरपंच को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी गई। सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर या वित्तीय प्रणाली की कमियों का फायदा उठाकर सीधे बैंक खातों से राशि का आहरण किया गया। सरपंच ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इन कार्यों के लिए उनसे कोई सहमति या हस्ताक्षर नहीं लिए गए थे।
मौके पर पहुंची जांच टीम ने स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार कर आगे कारवाही करने की बात की जांच अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर वित्तीय अनियमितता और जालसाजी का प्रतीत होता है। रोजगार सहायक का मौके से भागना उसकी संलिप्तता को और स्पष्ट करता है। जांच रिपोर्ट जल्द ही कलेक्टर को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आरोपी महिला रोजगार सहायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूनम ठाकुर की रिपोर्ट
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