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लखनऊ, 31 अक्टूबर: : ब्रह्माकुमारीज के गुलजार उपवन स्थित नवनिर्मित राजयोग ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित सिंधी समाज के स्नेह मिलन कार्यक्रम में संस्था की अतिरिक्त प्रशासिका प्रमुख एवं यूरोपीय निदेशिका राजयोगिनी जयंती दीदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज की स्थापना के शुरुआती तीन वर्ष सिंध प्रांत के कराची में बीते थे। वर्ष 1950 में पूरा परिवार माउंट आबू आया, जहाँ से भारत में सेवाओं का विस्तार हुआ। उन्होंने बताया कि बाबा के सत्य धर्म की स्थापना के संकल्प से शुरू हुई यह आध्यात्मिक यात्रा आज लगभग 120 देशों तक पहुँच चुकी है। दीदी ने कहा कि वर्तमान संगमयुग अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाने और आध्यात्मिक कमाई करने का अमूल्य समय है।
विदेशों में शाकाहार, मेडिटेशन एवं समग्र जीवनशैली के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है, जबकि भारतीयों को भी अपनी आध्यात्मिक विरासत को अपनाना चाहिए। उन्होंने लखनऊ की सब-जोन इंचार्ज राधा दीदी से सिंधी समाज के लिए दो-तीन दिवसीय विशेष राजयोग प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में धनराज भाई ने सिंधी समाज का स्वागत किया। डॉ. राहुल रोहित आहूजा ने आध्यात्मिकता के महत्व पर विचार रखे तथा प्रसिद्ध गायक चांद बजाज ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सभासद नानक चांदनी, सुदामा चांदनी, सिंधी वेलफेयर के अध्यक्ष सत्येंद्र भावनानी, कोका-कोला के डायरेक्टर विवेक लड्ढानी, वीरेंद्र खत्री, विनोद जी एवं धारा आहूजा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राजयोग की संक्षिप्त अनुभूति एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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