Jdnews Vision….
संतोष कुमार गुप्ता…..
गोरखपुर : : कौड़ीराम चौराहा इन दिनों प्रशासनिक नाकामी और पुलिस की आपराधिक उपेक्षा का जीता-जागता सबूत बन चुका है। दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक यहाँ ‘जाम का तांडव’ जारी रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आँखों पर पट्टी और कान में तेल डालकर तमाशा देख रहे हैं। आखिर कब टूटेगी प्रशासन की यह कुंभकर्णी नींद
*अधिकारियों की आँखों के सामने खुली गुंडागर्दी…
इसी मुख्य मार्ग से रोज़ाना हुटर बजाते हुए आलाधिकारियों और वीआईपी (VIP) गाड़ियों का काफिला निकलता है, लेकिन आम जनता जिस नरक को भोग रही है, उसकी ओर देखने की ज़हमत कोई नहीं उठाता। क्या साहबों को सिर्फ अपनी सायरन वाली गाड़ियों से सड़क खाली करवाने का मतलब है? एम्बुलेंस में ज़िंदगी और मौत से जूझते मरीज़ घंटों इस नरक में तड़पते रहते हैं, पर पुलिस के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।
*अतिक्रमण और अवैध स्टैंड: पुलिस की शह पर फल-फूल रहा धंधा*
कौड़ी राम चौराहे को सरेआम बंधक बना लिया गया है। सड़क पर बेखौफ फैला अतिक्रमण, बीच सड़क पर बेतरतीब खड़े ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी सीधे तौर पर पुलिस-प्रशासन की शह का नतीजा है। आरोप हैं कि हफ्ता वसूली के चक्कर में जिम्मेदार महकमा इस अराजकता पर आँखें मूंदे बैठा है।
आक्रोशित व्यापारियों और क्षेत्रीय जनता का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया और चौराहे पर स्थायी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। जनता अब सड़कों पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने के लिए विवश होगी।
Jd News Vision