Breaking News

श्रीराम कथा के छठवें दिन चित्रकूट एवं वनवास प्रसंग का वर्णन

जेडी न्यूज़ विज़न…

(आर डी शुक्ला… वरिष्ठ पत्रकार )

..लक्ष्मण टीला पर बनेगा भगवान लक्ष्मण का भव्यतम मंदिर : रामभद्राचार्य…
न्यायालय का सम्मान करते हैं, आवश्यकता हुई तो स्वयं रखेंगे पक्ष
लखनऊ। पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठवें दिवस भगवान श्रीराम के वनवास तथा चित्रकूट प्रवास का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि चित्रकूट केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि रामभक्ति, त्याग, तपस्या और लोकमंगल की पावन भूमि है। भगवान श्रीराम के वनवास काल की अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी चित्रकूट भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है।

सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में चल रही श्रीराम कथा में रामभद्राचार्य ने एकश्लोकी रामायण को अशुद्ध बताते हुए कहा कि यह धारणा सही नहीं है कि किसी प्रचलित एक श्लोक में संपूर्ण रामायण समाहित है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी के आग्रह पर कि ऐसा एक श्लोक लिखा जाए जिसमें संपूर्ण रामकथा का सार आ जाए, गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्याकाण्ड के तृतीय मंगलाचरण नीलाम्बुजश्यामलकोमलांगम् की रचना की थी। उन्होंने इस श्लोक की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि इसमें संपूर्ण रामकथा का सार तत्व निहित है।

कथा के दौरान राप्रेस विज्ञप्ति, 6 जून 2026

श्रीराम कथा के छठवें दिन चित्रकूट एवं वनवास प्रसंग का वर्णन

लक्ष्मण टीला पर बनेगा भगवान लक्ष्मण का भव्यतम मंदिर : रामभद्राचार्य

न्यायालय का सम्मान करते हैं, आवश्यकता हुई तो स्वयं रखेंगे पक्ष

लखनऊ। पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठवें दिवस भगवान श्रीराम के वनवास तथा चित्रकूट प्रवास का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि चित्रकूट केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि रामभक्ति, त्याग, तपस्या और लोकमंगल की पावन भूमि है। भगवान श्रीराम के वनवास काल की अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी चित्रकूट भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है।

सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में चल रही श्रीराम कथा में रामभद्राचार्य ने एकश्लोकी रामायण को अशुद्ध बताते हुए कहा कि यह धारणा सही नहीं है कि किसी प्रचलित एक श्लोक में संपूर्ण रामायण समाहित है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी के आग्रह पर कि ऐसा एक श्लोक लिखा जाए जिसमें संपूर्ण रामकथा का सार आ जाए, गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्याकाण्ड के तृतीय मंगलाचरण नीलाम्बुजश्यामलकोमलांगम् की रचना की थी। उन्होंने इस श्लोक की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि इसमें संपूर्ण रामकथा का सार तत्व निहित है।

कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने पुनः संकल्प दोहराया कि लखनऊ के लक्ष्मण टीला पर भगवान लक्ष्मण का भव्यतम मंदिर बनकर रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायालय का फैसला हिंदुओं के पक्ष में आएगा और लक्ष्मण जी का भव्य मंदिर निर्माण अवश्य होगा। उन्होंने कहा कि हम न्यायालय का सम्मान करते हैं। लक्ष्मण टीला प्रकरण में यदि न्यायालय चाहेगा तो मैं स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि लखनऊ वस्तुतः लक्ष्मण नगरी है। प्रातःकाल गोमती तट पर लक्ष्मण जी का सान्निध्य आज भी अनुभव किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने जाग रहा गोमती तट उर्मिला बिहारी भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

इस अवसर पर यूपी सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जे.पी.एस.राठौर, नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम के पीठाधीश्वर जगदाचार्य स्वामी उपेन्द्रानंद सरस्वती, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व सांसद अशोक बाजपेयी, विधायक डा. नीरज बोरा, हास्य कवि सर्वेश अस्थाना, समाजसेविका बिन्दू बोरा, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीरामजी दास, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिपाठी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने गुरुपाद पूजन कर व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के उपरांत विपिन मिश्रा, ऊषा जोतवानी, आरआर समूह के अनिल अग्रवाल, रामेश्वर समूह के सुरेन्द्र शुक्ला, उत्सव के महामंत्री राकेश पाण्डेय, रवि तिवारी, सौरव बन्दोपाध्याय, कमलेश्वर सोनी, शिवम श्रीवास्तव, सतीश वर्मा, विभिन्न वार्डों के पार्षद, मण्डल अध्यक्षगण तथा अन्य श्रद्धालुओं ने आरती में सहभागिता की। श्रीश्याम परिवार, राधेलाल स्वीट्स, शशिकांत शर्मा और आशीष गुप्ता की ओर से हजारों श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित हुआ।

कथारंभ के पूर्व तुलसीपीठ के आचार्य रामचंद्र दास ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रस्तावित गुरुकुलम् की रूपरेखा रखते हुए श्रद्धालुओं से सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। मीडिया प्रभारी डा. एस.के.गोपाल ने बताया कि रविवार को श्रीराम कथा के सप्तम दिवस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सम्मिलित होने की संभावना है। कथा सायं 5 बजे से आरंभ होगी। कथा स्थल पर श्रीश्याम परिवार, मारवाड़ी युवा मंच, एकल अभियान, श्याम प्रेमी संघ ट्रस्ट, उत्सव, बोरा फाउण्डेशन, इंटरनेशनल वैश्य फेडरेशन सहित विभिन्न संस्थाओं के स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाओं का संचालन संभाला।मभद्राचार्य ने पुनः संकल्प दोहराया कि लखनऊ के लक्ष्मण टीला पर भगवान लक्ष्मण का भव्यतम मंदिर बनकर रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायालय का फैसला हिंदुओं के पक्ष में आएगा और लक्ष्मण जी का भव्य मंदिर निर्माण अवश्य होगा। उन्होंने कहा कि हम न्यायालय का सम्मान करते हैं। लक्ष्मण टीला प्रकरण में यदि न्यायालय चाहेगा तो मैं स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि लखनऊ वस्तुतः लक्ष्मण नगरी है।

प्रातःकाल गोमती तट पर लक्ष्मण जी का सान्निध्य आज भी अनुभव किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने जाग रहा गोमती तट उर्मिला बिहारी भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर यूपी सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जे.पी.एस.राठौर, नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम के पीठाधीश्वर जगदाचार्य स्वामी उपेन्द्रानंद सरस्वती, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व सांसद अशोक बाजपेयी, विधायक डा. नीरज बोरा, हास्य कवि सर्वेश अस्थाना, समाजसेविका बिन्दू बोरा, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीरामजी दास, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिपाठी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने गुरुपाद पूजन कर व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के उपरांत विपिन मिश्रा, ऊषा जोतवानी, आरआर समूह के अनिल अग्रवाल, रामेश्वर समूह के सुरेन्द्र शुक्ला, उत्सव के महामंत्री राकेश पाण्डेय, रवि तिवारी, सौरव बन्दोपाध्याय, कमलेश्वर सोनी, शिवम श्रीवास्तव, सतीश वर्मा, विभिन्न वार्डों के पार्षद, मण्डल अध्यक्षगण तथा अन्य श्रद्धालुओं ने आरती में सहभागिता की। श्रीश्याम परिवार, राधेलाल स्वीट्स, शशिकांत शर्मा और आशीष गुप्ता की ओर से हजारों श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित हुआ।
कथारंभ के पूर्व तुलसीपीठ के आचार्य रामचंद्र दास ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रस्तावित गुरुकुलम् की रूपरेखा रखते हुए श्रद्धालुओं से सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। मीडिया प्रभारी डा. एस.के.गोपाल ने बताया कि रविवार को श्रीराम कथा के सप्तम दिवस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सम्मिलित होने की संभावना है। कथा सायं 5 बजे से आरंभ होगी। कथा स्थल पर श्रीश्याम परिवार, मारवाड़ी युवा मंच, एकल अभियान, श्याम प्रेमी संघ ट्रस्ट, उत्सव, बोरा फाउण्डेशन, इंटरनेशनल वैश्य फेडरेशन सहित विभिन्न संस्थाओं के स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाओं का संचालन संभाला।

About admin

Check Also

यूपीआरटीओयू में प्रवेश प्रारंभ….

Jdnews Vision… संतोष कुमार गुप्ता… गोरखपुर : : कौड़ीराम: :  उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *