JD NEWS VISION…
……सपने भी न बन सके “वो “अपने…
अपने जो कभी अपने थे…
अचानक जुदा हो गए…
परिवार में बड़े बुजुर्ग
माता पिता भाई
पत्नी सब अपने …
एक एक करके जुदा हो गए…
बचे अन्य परिवार जन..
वो मस्त है अपनों में..
शायद अब हम जो कभी अपने थे..
तो अब अपने नहीं रह गए…
एक जो मिल गए थे अचानक सौभाग्य से..
पर अब वो भी जुदा हो गए दुर्भाग्य से…
वो कसमें वो वायदे…
जाते जाते हमारा सब कुछ साथ ले गए…
दिल का चैन. रातों की नींद..
क्या क्या बताएँ कैसे बताएँ.
सब कुछ लेकर जानें कहाँ खो गए…
ढूँढ़े कहां बदल दिया मकान…
उठा कर चले गए वहाँ वो सब सामान..
पता बताया गया.. फ़ोन उठाया नहीं…
फिर अब तो अपने अब हो गए सपने…
और सपने हो गए पराए…
जब भी ख्याल आया अपने का..
कलेजा मुँह को आया…
ख्याल ख्याल ही रह गया…
मिल न सका उनका साया…
क्यों कि मसला तो एक तरफा था…
तभी तो अपने सपने हो गए..
अब तो सपने में भी नहीं आते…
कोई कह दे उनसे हमारा ये संदेश…
रहें वो कहीं भी किसी भी देश…
याद करने का प्यार करने का अधिकार…
छीन नहीं सकता कोई…
यादों में ही काट लेंगे ये ज़िंदगी…
सुबह शाम करेंगे हम बंदगी
भगवान से मिलें सारी खुशियाँ ..
नाम इतना हो याद करे सारी दुनिया…
हमारा क्या है कट ही जायेगी कैसे भी …
हमारे अपने को मिल जाएँ सारी खुशियां….
आर डी बाजपेई
संपादक
जेडी न्यूज़ विज़न…..
लखनऊ
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