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उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज को लेकर एक बार फिर बयान बाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और वरिष्ठ BJP नेता Manoj Pandey ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने पोस्ट में मनोज पांडेय ने ब्राह्मण समाज के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
Manoj Pandey का पोस्ट
मंत्री मनोज पांडेय ने अपने पोस्ट में कहा कि ब्राह्मण समाज केवल एक वोट बैंक नहीं, बल्कि स्वाभिमान, सम्मान, ज्ञान और सांस्कृतिक नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में पूरे प्रदेश से लोगों को आमंत्रित किया गया, लेकिन अखिलेश यादव स्वयं कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
ब्राह्मण केवल वोट बैंक नहीं, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है।
कल समाजवादी पार्टी के कार्यालय में ब्राह्मण सम्मेलन के नाम पर प्रदेश भर से ब्राह्मण समाज के लोगों को बुलाया गया, लेकिन अखिलेश यादव स्वयं कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। जिनके बुलावे पर लोग आए, उनका इस तरह अनुपस्थित रहना…
उन्होंने कहा कि जिनके निमंत्रण पर लोग सम्मेलन में पहुंचे, उनका कार्यक्रम में अनुपस्थित रहना समाज के सम्मान की उपेक्षा के रूप में देखा जा सकता है। मनोज पांडेय ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं हुआ है। उनके अनुसार, वर्ष 2012 में भी समाजवादी पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में ब्राह्मण समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी, लेकिन उस दौरान आयोजित कार्यक्रमों में भी अखिलेश यादव की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी थी।
ब्राह्मण समाज के सम्मान का मुद्दा उठाया….
अपने पोस्ट में मंत्री ने यह भी कहा कि चुनाव के वक़्त ब्राह्मण समाज का समर्थन मांगना और बाद में सम्मान एवं हिस्सेदारी के मुद्दों पर दूरी बनाना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि समाज का सम्मान किसी भी राजनीतिक दल के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।
मनोज पांडेय ने समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के कथित पुराने बयान का भी जिक्र किया और कहा कि ब्राह्मण समाज को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर पार्टी की ओर से कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब सामने नहीं आया। उन्होंने इसे लेकर भी सवाल उठाए।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा संकेत…
BJP नेता ने अपने बयान में कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा सम्मान और अपमान दोनों को याद रखता है। उन्होंने दावा किया कि साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण समाज अपने स्वाभिमान, सम्मान और आत्मगौरव के आधार पर लोकतांत्रिक तरीके से फैसला करेगा।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज…
मनोज पांडेय के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच ब्राह्मण समाज को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, इस मामले पर समाजवादी पार्टी की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दल सामाजिक समीकरणों को साधने में जुटे हुए हैं और आगामी दिनों में इस मुद्दे पर और भी बयान सामने आ सकते हैं।
फिलहाल, मनोज पांडेय के इस पोस्ट ने ब्राह्मण समाज की राजनीतिक भूमिका और सम्मान के सवाल को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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