जेडी न्यूज विजन….
पिठापुरम: (आंध्र प्रदेश): : स्थानीय पिल्लंका ग्राम में सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान में शामिल हुए श्री विश्व विज्ञान विद्या आध्यात्मिक पीठम के नौंवें पीठाधिपति डॉ. उमर अली शाह ने कहा कि ओम का रूप ब्रह्म का रूप है और ब्रह्म का रूप रस का रूप है, जिसे अहम ब्रह्मास्मि के रूप में अनुभव किया जा सकता है।

बुधवार को डॉ. उमर अली शाह ने काकीनाडा जिले के ताल्लारेवु मंडल के पिल्लंका ग्राम में सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया और भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर लोग अपनी रोज़मर्रे की दिनचर्या की शुरुआत भगवान को स्मरण करते हुए करें, तो उन्हें भगवान की असीम कृपा प्राप्तत होगी। इस मौके पर मंदिर समिति के सदस्यों और गांववालों ने पीठाधिपति डॉ. उमर अली शाह का पूर्णकुंभ से स्वागत किया। बाद में, डॉ. उमर अली शाह ने मंदिर और यज्ञशाला का दौरा किया। इस मौके पर मुख्य पुजारी को मंदिर का महत्व समझाया। बाद में, मंदिर में आयोजित एक सभा में पीठाधिपति डॉ. उमर अली शाह ने लोगों से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों साधनाओं, यानी मंत्र, ज्ञान और ध्यान के सिद्धांतों की साधना करने और शरीर का आनंद, मन की संतुष्टि और आत्मा की मुक्ति पाकर मानव जीवन का अर्थ पाने का आह्वान किया। डॉ. उमर अली शाह ने कहा कि लोगों को पिल्लंका में बने श्री वल्ली देवसेना समेथा सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी के शक्ति केंद्र में जाना चाहिए और भगवान का आशीर्वाद लेना चाहिए।
इस कार्यक्रम में मंदिर समिति के सदस्य और न्यासी श्री वेलुरी कामेश्वर सरमा,दाटला बाबी राजू,सागी भीमेश्वर राजू, सागी शिवराम राजू, सागी भीमेश्वर राव तथा सागी ज्योति कुमारी और अन्य गणमान्यों ने भाग लिया।
Jd News Vision