जेडी न्यूज विजन…
LDA ने SIT को सौंपी थी 19 दोषी इंजीनियरों की लिस्ट…
लखनऊ। अलीगंज की अवैध बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की मौत मामले की जांच की जद में एलडीए में तैनात रहे पांच पीसीएस अधिकारी भी आ गए हैं। इन अधिकारियों के पास 2016 से लेकर अब तक अलीगंज क्षेत्र में अवैध निर्माणों की निगरानी का जिम्मा था।
इसमें डीके सिंह, अरविंद त्रिपाठी, विश्व भूषण मिश्र, संजय पांडेय और केएन राम जोनल अधिकारी के रूप में तैनात रह चुके हैं। इसमें से कई की अन्य जगह तैनाती हो गई है और वह एडीएम स्तर पर तैनात हैं।
इन पीसीएस अधिकारियों के नामों की गोपनीय सूची एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शासन को उपलब्ध करा दिया है। माना जा रहा है कि एसआइटी जल्द ही उनको पूछताछ के लिए बुलाएगी। इसमें तीन पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण में तैनाती के दौरान ही अवैध निर्माण कराने के आरोप लगे थे।
19 दोषी इंजीनियरों की सौंपी जा चुकी है लिस्ट
अलीगंज के जिस अवैध काम्प्लेक्स में आग लगी थी, उसकी जांच कर रही एसआइटी को एलडीए ने मंगलवार को 19 दोषी इंजीनियरों की सूची सौंपी थी। इसमें एक इंजीनियर की मौत हो चुकी है। दो इंजीनियर पहले ही निलंबित हो गए हैं। दो इंजीनियरों का ट्रांसफर हो चुका है। 11 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस सूची को देखकर एसआइटी ने जब कई सवाल उठाए तो एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जांच कर रही आंतरिक टीम से वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत की भी रिपोर्ट मांगी।
वर्ष 2016 से 2024 तक तैनात रहे एसडीएम स्तर के पांच पीसीएस अधिकारियों के नाम तय किए गए हैं। यह अधिकारी मानचित्र निरस्त होने के बाद उसे दोबारा स्वीकृति मिलने, वर्ष 2016 के बाद हुए अवैध निर्माण के समय लापरवाही बरतने, आवासीय क्षेत्र होने के बाद नोटिस न देने के आरोप में घिर गए हैं। इसमें एक अधिकारी को तो शासन में भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट के बाद एलडीए से हटाकर दूसरे जिले में तैनात किया गया था।
अबतक 24 पर जांच की आंच
इसी तरह एक अधिकारी पर भी जोन चार में अवैध निर्माण कराने के आरोप में एक शिकायत की जांच के बाद हटाया गया था। एक अन्य अधिकारी पर बड़ी प्लाटिंग कराकर बिल्डर को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा था। अब तक पीसीएस अधिकारी व अभियंताओं को मिलाकर 24 पर जांच की आंच है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि पांच पीसीएस अधिकारियों को अवैध व्यावसायिक काम्प्लेक्स के निर्माण के समय लापरवाही बरतने का आरोपी पाया गया है। इन अधिकारियों के नाम के साथ उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए एसआइटी को उपलब्ध करा दी गई है।
Jd News Vision