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पचपेड़वा (बलरामपुर) : : विकासखंड पचपेड़वा की ग्राम पंचायत सिसहनिया घोपलापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों तक नहीं पहुंच रहा है, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और बड़े भू-स्वामित्व वाले लोगों को पात्र बनाकर आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत में कई ऐसे गरीब परिवार हैं जो आज भी जर्जर और कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। दूसरी ओर आरोप है कि सरकारी नौकरी करने वाले तथा तीन-चार हेक्टेयर तक कृषि भूमि रखने वाले लोगों के नाम पात्र सूची में शामिल कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि आवास स्वीकृत कराने के नाम पर “50-50 बंटवारे” की बात कही गई। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता और पात्रता प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
ग्राम पंचायत के प्रधान मोहम्मद शब्बीर हसन एवं प्रधान प्रतिनिधि जुबेर अहमद का नाम भी दबी जुबान से इस मामले में चर्चा में है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर अपात्र लाभार्थियों के आवास निरस्त करने तथा वास्तविक गरीबों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता के इस कथित प्रकरण में संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
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