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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता सम्मानित…

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वाराणसी, 16 सितम्बर : : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के मनोविज्ञान विभाग के म्यूजिक थैरेपी सेल एवं रिसर्च सेंटर द्वारा पी.जी. डिप्लोमा इन म्यूजिक थैरेपी (हाइब्रिड), सत्र 2025–26 के शीर्ष दो शैक्षणिक उपलब्धि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की घोषणा की गई है। यह सम्मान विद्यार्थियों की उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि, समर्पण एवं म्यूजिक थैरेपी के क्षेत्र में उनकी प्रतिबद्धता को मान्यता प्रदान करता है।

डॉ. नेहाश्री श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा उन्हें अजय अवॉर्ड – प्रथम पुरस्कार ₹15,000 प्रदान किया जाएगा। वहीं सुमित शेखर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है तथा उन्हें अजय अवॉर्ड – द्वितीय पुरस्कार ₹11,000 प्रदान किया जाएगा।

उक्त पुरस्कार आगामी शैक्षणिक कार्यक्रम/म्यूजिक थैरेपी के वार्षिक सम्मेलन में औपचारिक रूप से प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों की स्थापना सुश्री ऐश्वर्या राज द्वारा अपने दादा-दादी/नाना-नानी की स्मृति में की गई है। उनकी इस महत्वपूर्ण पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहन एवं सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

म्यूजिक थैरेपी सेल एवं रिसर्च सेंटर ने दोनों विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। साथ ही, विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, संकाय सदस्यों एवं अकादमिक सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके शिक्षण, मार्गदर्शन, मेंटरिंग एवं सहयोग से विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिला।

 

म्यूजिक थैरेपी सेल एवं रिसर्च सेंटर ने विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संरक्षक प्रो. आनंद कुमार त्यागी के निरंतर प्रोत्साहन एवं सहयोग के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। साथ ही *प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल,* विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग, के अकादमिक नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए भी हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

 

*डॉ. दुर्गेश कुमार उपाध्याय, समन्वयक, म्यूजिक थैरेपी सेल एवं रिसर्च सेंटर,* ने डॉ. नेहाश्री श्रीवास्तव एवं सुमित शेखर को बधाई देते हुए सभी विभाग सदस्यों, विद्यार्थियों एवं अकादमिक सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि म्यूजिक थैरेपी के क्षेत्र में ऐसे दक्ष एवं संवेदनशील पेशेवरों का विकास आवश्यक है, जो साक्ष्य-आधारित म्यूजिक थैरेपी अभ्यास, व्यवस्थित शोध, अंतर्विषयी सहयोग एवं सामाजिक सेवा के माध्यम से इस उभरते हुए क्षेत्र को आगे बढ़ा सकें।

म्यूजिक थैरेपी सेल एवं रिसर्च सेंटर ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगी तथा म्यूजिक थैरेपी को एक सुदृढ़, वैज्ञानिक एवं अंतर्विषयी क्षेत्र के रूप में विकसित करने में योगदान देगी।

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