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संतोष कुमार गुप्ता…..
*निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह और विशेष सचिव श्रम कुणाल सिल्कू ने किया स्थलीय निरीक्षण, विकास भवन में हुई गहन समीक्षा*
*50 सूचकांकों पर कसी निगरानी, स्वास्थ्य-शिक्षा से लेकर पंचायत और बुनियादी सुविधाओं तक की हुई पड़ताल*
*सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी और जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह समेत विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुत की योजनाओं की प्रगति*
गोरखपुर: : प्रदेश के आकांक्षात्मक विकास खंडों में सरकारी योजनाओं से हुए वास्तविक बदलाव और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति परखने के लिए शासन के निर्देश पर विशेष स्थलीय निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर के आकांक्षात्मक विकास खंड कैंपियरगंज और ब्रह्मपुर में नामित नोडल अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों और शासन की योजनाओं की वास्तविक स्थिति को परखा। निरीक्षण के बाद गोरखपुर विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों विकास खंडों की प्रगति पर विस्तार से मंथन किया गया।

कैंपियरगंज के नामित नोडल अधिकारी एवं निदेशक पंचायती राज, उत्तर प्रदेश अमित कुमार सिंह तथा ब्रह्मपुर के नामित नोडल अधिकारी एवं विशेष सचिव, श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश कुणाल सिल्कू ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत संबंधित विकास खंडों में स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शासन की ओर से निर्धारित विभिन्न बिंदुओं पर मौके की स्थिति देखी गई और संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के बाद गोरखपुर विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दोनों आकांक्षात्मक विकास खंडों में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, आधारभूत अवसंरचना तथा सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रदेश सरकार की ओर से सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े विकास खंडों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें राज्य के औसत से ऊपर लाने के उद्देश्य से आकांक्षात्मक विकास खंड कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रदेश के 42 जनपदों के 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में पांच प्रमुख विषयगत क्षेत्रों के कुल 50 सूचकांकों के आधार पर प्रगति का अनुश्रवण किया जा रहा है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और लाभार्थियों को मिल रही योजनाओं की स्थिति देखी गई। स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, संसाधनों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। विद्यालयों में पेयजल, बिजली, फर्नीचर, क्रियाशील शौचालय, छात्र-शिक्षक अनुपात तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता की स्थिति भी परखी गई।
ग्राम पंचायतों के निरीक्षण में पंचायत सचिवालय, पंचायत सहायक और आंकड़ा प्रविष्टि एवं कंप्यूटर संचालक की उपलब्धता समेत ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। इसके अलावा पोषण पुनर्वास केंद्र, संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्र, स्वयं सहायता समूह केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भी निरीक्षण कर वहां संचालित गतिविधियों की स्थिति देखी गई।
विकास भवन में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने निर्धारित 50 सूचकांकों के सापेक्ष दोनों विकास खंडों की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। नोडल अधिकारियों ने विभागवार उपलब्धियों के साथ उन बिंदुओं की भी जानकारी ली, जहां अपेक्षित प्रगति हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता है। संबंधित विभागों की ओर से सूचकांकों में सुधार के लिए किए गए विशेष प्रयासों और आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
बैठक में विकास खंड विकास रणनीति की स्थिति की समीक्षा के साथ विकास खंडों में तैनात आकांक्षात्मक विकास खंड फेलो एवं मुख्यमंत्री फेलो की ओर से की जा रही ऑनलाइन रिपोर्टिंग और कार्रवाई योग्य बिंदुओं के समाधान की स्थिति भी देखी गई। शासन की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि धरातल पर भी स्पष्ट दिखाई दे।
जिन आकांक्षात्मक विकास खंडों को नीति आयोग अथवा प्रदेश सरकार की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन धनराशि आवंटित की गई है, वहां इस धनराशि से प्रस्तावित कार्यों और उसके उपयोग की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने योजनाओं और विकास कार्यों में गुणवत्ता तथा समयबद्धता बनाए रखने पर जोर दिया।
नोडल अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान उपलब्ध कराई गई सूचनाओं और मौके की स्थिति का मिलान किया। शासन के निर्देश के अनुसार कार्यक्रम के प्रारंभ से अब तक आकांक्षात्मक विकास खंडों में हुए भौतिक परिवर्तनों को चिन्हित कर उनकी रिपोर्ट तैयार की जानी है। स्थलीय निरीक्षण के बाद निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट नियोजन विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दोनों नोडल अधिकारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि आकांक्षात्मक विकास खंड कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक विकास के क्षेत्र में वास्तविक और स्थायी बदलाव लाना है।
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