जेडी न्यूज विजन….
सन्तोष कुमार गुप्ता….
– नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आठवां दिन….
कौड़ीराम: : पांडेयपार स्थित सिद्धपीठ बाबा बम्बनाथ मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के आठवें दिन कथावाचक आचार्य पं. अच्युतानंद शास्त्री ने धनुष यज्ञ एवं श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि मिथिला नरेश जनक की प्रसिद्ध उक्ति “वीर विहीन मही में जानी” किसी के अपमान का भाव नहीं, बल्कि उनकी अंतर्मन की व्यथा थी। शिव धनुष को उठाने के लिए दूर-दूर से आए पराक्रमी राजा जब असफल हो गए तो उन्हें अपनी प्रतिज्ञा के पूर्ण होने की चिंता सताने लगी थी।
उन्होंने कहा कि महाराज जनक शान, मर्यादा और सत्यनिष्ठा के प्रतीक थे। धनुष यज्ञ में उपस्थित हजारों राजाओं ने सामूहिक प्रयास किया, लेकिन कोई भी शिव धनुष को हिला तक नहीं सका। दूसरी ओर माता जानकी के मन में यह अटूट विश्वास था कि जिनके प्रति उनका सच्चा प्रेम और समर्पण है, उनसे उनका मिलन अवश्य होगा। सच्चा स्नेह कभी व्यर्थ नहीं जाता, वह एक न एक दिन अपने लक्ष्य तक अवश्य पहुंचता है।
कथावाचक ने कथा को विस्तार देते हुए कहा मुनि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर जब भगवान श्रीराम धनुष मंच पर पहुंचे तो उन्होंने सहज भाव से शिव धनुष को उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाने के प्रयास में धनुष भंग हो गया। धनुष टूटते ही संपूर्ण मिथिला जयघोष से गूंज उठी। देवताओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीराम का अभिनंदन किया और राजा जनक की प्रतिज्ञा पूर्ण हुई। इसके बाद श्रीराम और जानकी के दिव्य विवाह का मनोहारी चित्रण प्रस्तुत करते हुए कथावाचक ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

कथा के मुख्य यजमान गुलाब रध्वज उर्फ महंथ सिंह तथा खजनी विधायक श्रीराम चौहान ने संयुक्त रूप से व्यासपीठ का पूजन एवं आरती उतारी। बांसगांव विधायक डा. विमलेश पासवान, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, मारकंडेय राय, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला, वरिष्ठ भाजपा नेता नित्यानंद मिश्र तथा प्रेस क्लब कौड़ीराम के अध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी ने व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य अच्युतानंद शास्त्री का माल्यार्पण एवं तिलक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर भाजपा नेता सबल सिंह, मनोज सिंह, गुड्ड शाही, अश्वनी राय, सांसद प्रतिनिधि अरविंद पांडेय, रतन सेन सिंह, पूर्व निदेशक दुर्गेश पाण्डेय, ब्लाक प्रमुख बड़हलगंज रामआशीष राय आदि उपस्थित रहे।
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