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सोनभद्र में पीएम मोदी के मंत्री ने खुद दे दिए संकेत….
नई दिल्ली: : अगर आप भी रोज-रोज पेट्रोल और डीजल की बढ़ती-घटती कीमतों से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बहुत ही शानदार और बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है. आने वाले दिनों में आपकी जेब का बोझ काफी कम हो सकता है।
देश के केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ संकेत दिए हैं कि आम जनता को पेट्रोल और डीजल के दामों में जल्द ही एक बड़ी कटौती देखने को मिल सकती है. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार से कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) जैसे ही भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचेगा, वैसे ही देश में ईंधन के दाम घटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने देश में तेल के खेल को समझाते हुए कहा कि फिलहाल भारतीय तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पहले से ऊंचे दामों पर खरीदे गए कच्चे तेल के स्टॉक का उपयोग कर रही हैं. यही मुख्य वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का सीधा और तुरंत फायदा आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहा है और इसमें थोड़ा समय लग रहा है. उन्होंने बेहद सकारात्मक अंदाज में कहा कि जब कम कीमत पर बुक किया गया नया कच्चा तेल कंपनियों के पास पहुंच जाएगा, तब भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी कटौती की पूरी संभावना बन जाएगी.
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी भारत में कीमतें पूरी तरह कंट्रोल
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए दावा किया कि वैश्विक बाजार में चल रहे भारी उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भयंकर युद्ध के तनाव के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है. उन्होंने पुराने दिनों को याद दिलाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और उसके बाद भी कई मौकों पर पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में बड़ी कटौती की थी, जिससे देश के आम उपभोक्ताओं पर से महंगाई का बोझ काफी कम हुआ था. पुरी के मुताबिक, दुनिया के बाकी अमीर देशों की तुलना में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई कुल वृद्धि बेहद सीमित रही है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भारतीय जनता पर बहुत कम असर पड़ने दिया गया है.
तेल कंपनियों पर बढ़ रहा है भारी दबाव
ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के पीछे छिपे वित्तीय गणित को साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने एक चौंकाने वाली बात भी बताई. उन्होंने जानकारी दी कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही उथल-पुथल की वजह से देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह पूरी कोशिश की है कि वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ती तेल की कीमतों का पूरा बोझ देश के आम और मध्यमवर्गीय लोगों के कंधों पर न आने पाए.
मिडिल ईस्ट संकट ने बढ़ाई थी पूरी दुनिया की चिंता
पिछले कुछ हफ्तों में पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और लाल सागर के रास्ते होने वाली तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक काफी तेजी देखने को मिली थी. इसका सीधा असर भारत में भी ईंधन की समीक्षा और कीमतों पर पड़ा है. हालांकि, अब बाजार विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह स्थिर और सस्ते बने रहते हैं, तो आने वाले समय में भारतीय रिफाइनरियों को मिलने वाले नए स्टॉक के बाद आम जनता को पेट्रोल-डीजल के रेट्स में एक बड़ी और ऐतिहासिक राहत मिलना बिल्कुल संभव है.
केंद्रीय मंत्री ने सोनभद्र को बताया देश का ‘मॉडल जिला’
अपने सोनभद्र दौरे के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने स्थानीय विकास यात्रा की भी जमकर सराहना की. उन्होंने गर्व से कहा कि नीति आयोग की ओर से जारी होने वाली केंद्र सरकार की डेल्टा रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने वाला सोनभद्र अब पिछड़े जिले की पहचान को पूरी तरह पीछे छोड़ चुका है और देश के सामने एक ‘मॉडल जिले’ के रूप में उभर रहा है.
विकास के आंकड़े पेश करते हुए मंत्री ने बताया कि इस जिले की प्रति व्यक्ति आय साल 2018 के महज 43 हजार रुपये से बढ़कर अब करीब 1.2 लाख रुपये के सम्मानजनक स्तर तक पहुंच गई है. इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) साल 2016-17 के लगभग 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अब करीब 36 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को छू चुका है।
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